फतेहाबाद/आगरा: नेपियर घास को बहुवर्षीय हरे चारे की सबसे अधिक उपज देने वाली प्रमुख फसल माना जाता है। यह घास पशुपालकों के लिए वर्षभर हरे चारे की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करती है और कम लागत में अधिक उत्पादन व मुनाफा दिलाने का बेहतर विकल्प माना जाती है।
फतेहाबाद के उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशवंत सिंह ने बताया कि नेपियर घास की बुवाई इसके जड़ वाले हिस्सों (स्टंप) को रोपकर की जाती है। एक बार रोपाई के बाद यह घास लगभग तीन वर्षों तक लगातार अधिक मात्रा में हरा चारा देती रहती है। इससे पशुपालक अपने मवेशियों को पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाला चारा उपलब्ध कर पाते हैं, जिससे दूध उत्पादन और पशु स्वास्थ्य दोनों में सुधार होता है।
उन्होंने बताया कि नेपियर घास कम मेहनत में उगाई जा सकती है और इसकी कटिंग नियमित अंतराल पर मिलती रहती है, जिससे चराई का स्थायी स्रोत बना रहता है।
डॉ. सिंह ने यह भी अपील की कि जो पशुपालक नेपियर घास की रोपाई या इसकी उन्नत किस्मों के बारे में जानकारी चाहते हैं, वे अपने निकटतम पशु चिकित्साधिकारी से संपर्क करें। विभाग द्वारा उन्हें उचित परामर्श और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे इस बहुवर्षीय चारा उत्पादन योजना का पूरा लाभ उठा सकें।





