आगरा। चर्चित जूता कारोबारी मोहित कत्याल, निवासी बैंक कॉलोनी, सिविल लाइंस को बड़ी राहत मिलने की उम्मीदें ध्वस्त हो गईं। करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में दाखिल उनकी अग्रिम जमानत याचिका को आगरा की जिला अदालत ने खारिज कर दिया। यह आदेश गम्भीर आरोपों और मजबूत दलीलों के मद्देनज़र सुनाया गया।
यह मामला गगन मोंगा, निवासी जयपुर हाउस कॉलोनी, थाना लोहामंडी द्वारा दर्ज कराया गया था। वादी का आरोप है कि उनकी फर्म वर्षों तक कत्याल इंडस्ट्रीज को जूते बनाने हेतु कच्चा माल सप्लाई करती रही। दोनों पक्षों के बीच 20 अक्टूबर 2018 तक व्यापारिक लेनदेन चलता रहा और इस अवधि में वादी ने तीन करोड़ रुपये से अधिक का माल भेजा। वादी के अनुसार दिए गए माल का ₹1,79,39,893 बकाया लंबे समय तक भुगतान के वादों के बावजूद चुकाया नहीं गया। अंततः वादी ने मोहित कत्याल और कत्याल इंडस्ट्रीज के अन्य साझेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
अदालत में सुनवाई के दौरान वादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार शर्मा ने विस्तृत तर्क प्रस्तुत किए। उन्होंने अदालत को बताया कि लगातार सप्लाई और आश्वासनों के बावजूद भुगतान में देरी दरअसल धोखाधड़ी के इरादे से की गई थी। उपलब्ध दस्तावेज़ी साक्ष्यों और तर्कों पर विचार करने के बाद अदालत ने मोहित कत्याल की अग्रिम जमानत अर्जी रद्द कर दी। इस आदेश ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है, क्योंकि अब आरोपी की गिरफ्तारी की संभावना और बढ़ गई है। पुलिस जल्द ही आगे की कार्रवाई तेज कर सकती है।





