- गाजे-बाजे और जयकारों के साथ कलश यात्रा
- सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता
- कथा स्थल पर भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम
फतेहपुर सीकरी/आगरा। कस्बे के मोड़ बाईपास स्थित गल्ला मंडी के सामने आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ गुरुवार को बनखण्डी महादेव मंदिर पर पूजा-अर्चना के बाद भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ।
विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल द्वारा आयोजित इस पावन कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर गाजे-बाजे और भगवान के जयकारों के साथ समूचे कस्बे में यात्रा निकाली। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
“श्रीमद्भागवत महापुराण भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का ऐसा साधन है, जो जीवन के हर दुख को दूर कर देता है। कलयुग में मोह और अज्ञान को हरने वाला यही एकमात्र मार्ग है। कथा श्रवण से धर्म की जड़ें गहरी होती हैं और बच्चों में अच्छे संस्कार पनपते हैं। यही कारण है कि श्रीमद्भागवत जीवन का सार है।”
नारद ऋषि के जीवन प्रसंग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कैस
भागवताचार्य राजकुमार शास्त्री ने कथा के प्रथम दिवस पर कहा –
सत्संग से उनका जीवन बदल गया और वे देव ऋषि बने। उन्होंने जोर देकर कहा – “कलयुग केवल नाम अधारा, सुमिरि-सुमिरि नर उतरहि पारा।”
व्यवस्थापक टीम में शामिल रहे:
ओमनी टीकरी (परीक्षित), प्रमेन्द्र फौजदार, हरिओम मंगल, सागर चौधरी, निपुण चौधरी, आदित्य फौजदार, अंकुर बजरंगी, राजवीर हलवाई, अनुज मित्तल, पवन यादव, बॉबी सरपंच, विश्वेंद्र शर्मा सरपंच, वीरेंद्र सिंह, विराट चौधरी, जगदीश प्रसाद दीक्षित आदि ने आयोजन को भव्य बनाने में अहम भूमिका निभाई।
श्रद्धालुओं ने कथा स्थल पर कलश स्थापना कर भगवान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
—





