गोवर्धन। धार्मिक नगरी गोवर्धन में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु-शिष्य परंपरा का अद्भुत स्वरूप देखने को मिला। चैतन्य महाप्रभु संप्रदाय के मुड़िया संतों ने सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए मुंडन संस्कार कराया और हरिनाम संकीर्तन के साथ अपने आराध्य गुरु श्रीपाद सनातन गोस्वामी को श्रद्धांजलि अर्पित की।प्राचीन श्री श्याम सुंदर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में संत एकत्र हुए। उन्होंने वैदिक परंपरा के अनुसार सिर मुंडवाया और “राधे-राधे” व हरिनाम संकीर्तन के जयघोष के बीच गुरु स्मरण किया। इसके बाद संतों ने शोभायात्रा निकाली और गिरिराज महाराज की परिक्रमा कर गुरु-भक्ति का संदेश दिया।धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह परंपरा लगभग 470 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। बताया जाता है कि चैतन्य महाप्रभु के प्रमुख शिष्य संत सनातन गोस्वामी ने सांसारिक जीवन का त्याग कर ब्रज में साधना की थी। वे प्रतिदिन वृंदावन से गोवर्धन पहुंचकर मानसी गंगा में स्नान करते और गिरिराज महाराज की सात कोस परिक्रमा करते थे।आषाढ़ पूर्णिमा के दिन संत सनातन गोस्वामी के महासमाधि लेने के बाद उनके शिष्यों ने शोक और गुरु-भक्ति के प्रतीक स्वरूप अपने सिर मुंडवा लिए थे। उसी समय उनके पार्थिव शरीर के साथ हरिनाम संकीर्तन करते हुए गिरिराज परिक्रमा भी की गई। तभी से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है।इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में ब्रज में गुरु पूर्णिमा को ‘मुड़िया पूर्णिमा’ के नाम से भी जाना जाता है। आज भी हर वर्ष इस अवसर पर गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के संत मुंडन संस्कार कराते हैं और संकीर्तन के साथ गिरिराज परिक्रमा कर अपने गुरु के प्रति श्रद्धा एवं समर्पण व्यक्त करते हैं।मुड़िया संतों की यह परंपरा न केवल गुरु-भक्ति का प्रतीक है,बल्कि ब्रज की प्राचीन आध्यात्मिक विरासत और गुरु-शिष्य संबंध की अमूल्य धरोहर को भी जीवंत बनाए हुए है।
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470 वर्षों से जीवित है मुड़िया संतों की परंपरा, गुरु पूर्णिमा पर कराया मुंडन संस्कार
Rahul Gaur 📍 Mathura
राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।





















