आगरा: आगरा पुलिस कमिश्नरेट में अनुशासनहीनता पर सख्ती का दौर जारी है। पुलिस कमिश्नर ने थाना शाहगंज के प्रभारी निरीक्षक (SHO) वीरेश पाल गिरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (नगर/सिटी) के आदेश की खुली अवहेलना के आरोप में की गई है। कमिश्नरेट की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत उठाया गया ये कदम पुलिस विभाग में साफ संदेश दे रहा है – वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी।
क्या है पूरा मामला?
शाहगंज थाना क्षेत्र के जेसीबी मालिक रईस खान पर एक फाइनेंस कंपनी की कुछ किस्तें बकाया थीं। आरोप है कि सिपाही सनी मलिक ने फाइनेंस कर्मियों की मिलीभगत से रईस खान को अवैध हिरासत में रखा और 25 हजार रुपये की वसूली की। शिकायत मिलने पर डीसीपी सिटी ने सिपाही सनी मलिक को तत्काल लाइन हाजिर करने के आदेश जारी किए।
लाइन हाजिर होने पर पुलिसकर्मी को तुरंत पुलिस लाइन पहुंचना अनिवार्य होता है, लेकिन सनी मलिक थाने में ही ड्यूटी करता रहा। शनिवार को वीआईपी आगमन के चलते उसकी ड्यूटी भी लगा दी गई – शिल्पग्राम की ओर सेल्फी प्वाइंट तिराहा पर। यह ड्यूटी चार्ट शनिवार रात इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया) पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला सुर्खियों में आ गया।
पुलिस कमिश्नर का सख्त रुख:
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर ने SHO वीरेश पाल गिरी को निलंबित कर दिया। साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। कमिश्नरेट सूत्रों के मुताबिक, आदेश की अवहेलना को बेहद गंभीर माना गया है। यह पहला ऐसा मामला नहीं है – पहले भी लाइन हाजिर पुलिसकर्मी ड्यूटी करते पाए गए हैं, जैसे भीम आर्मी कार्यकर्ताओं से अभद्रता केस में एक दारोगा चौकी पर ही कार्यरत रहा, या ताजगंज में एक दारोगा को छुट्टी पर भेजकर बाद में ट्रांसफर किया गया। इन घटनाओं ने ‘लाइन हाजिर’ कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं।
बड़े पैमाने पर तबादले भी:
कार्रवाई के साथ ही कमिश्नरेट में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए:
- थाना न्यू आगरा से राजीव त्यागी को शाहगंज का नया थाना प्रभारी बनाया गया।
- पर्यटन थाना प्रभारी योगेश नागर को न्यू आगरा थाना प्रभारी नियुक्त किया गया।
- न्यू आगरा में इंस्पेक्टर क्राइम रहे सुबोध कुमार को किरावली का इंस्पेक्टर क्राइम बनाया गया।
ये बदलाव अनुशासन और कार्यप्रणाली को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।





