लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 के पांचवें दिन (13 फरवरी 2026) सदन में हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, लेकिन बाद में माहौल पूरी तरह खुशनुमा हो गया। भाजपा विधायक केतकी सिंह की बार-बार टोका-टाकी और हंगामे से नाराज होकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने गुस्से में अपना हेडफोन पटक दिया और सदन से बाहर चले गए। इस घटना से सदन में सन्नाटा छा गया, और कार्यवाही करीब 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
क्या हुआ था?
कार्यवाही के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस चल रही थी। सपा विधायकों (जैसे रागिनी सोनकर) के सवालों पर चर्चा हो रही थी, लेकिन भाजपा विधायक केतकी सिंह ने बार-बार बीच में टोककर हंगामा बढ़ाया। अध्यक्ष सतीश महाना ने कई बार चेतावनी दी, लेकिन अव्यवस्था जारी रही। आखिरकार गुस्से में आकर महाना ने कहा, “अब आप हाउस चलाओगे?” और हेडफोन फेंककर सदन छोड़ दिया।
वापसी पर अनुशासन का पाठ और पुरानी यादें
जब अध्यक्ष वापस लौटे, तो उन्होंने सदन को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा, “जब सदन में कोई अमर्यादित आचरण करता है, तो वह केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि सभी 403 विधायकों की छवि धूमिल करता है।” तंज कसते हुए उन्होंने सदन में पहले हुई शर्मनाक घटनाओं का जिक्र किया – जैसे ताश खेलना और कपड़े उतारने वाली पुरानी घटनाएं, जिससे सदन में हल्की हंसी छा गई।
शायरी और चुटकियों से पिघली बर्फ
नाराजगी दूर करने के लिए विपक्षी विधायकों ने मोर्चा संभाला:
- कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा, “आपकी मुस्कुराहट से ही सदन मुस्कुराता है।”
- सपा विधायक कमाल अख्तर ने माहौल हल्का करने के लिए शायरी पढ़ी: “तुम रूठा न करो, सबकी जान चली जाती है। तुम हंसते रहते हो तो बिजली सी चमक जाती है।”
इस पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने चुटकी ली: “महबूबा वाली शायरी न सुनाया करो!” इसके बाद पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा। नोक-झोंक और गुस्से से शुरू हुई कार्यवाही हंसी-मजाक के साथ पटरी पर लौट आई।
यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है, जहां वीडियो क्लिप्स में स्पीकर का गुस्सा और बाद का माहौल दोनों ट्रेंड कर रहे हैं। यूपी विधानसभा में ऐसे ड्रामे अक्सर देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार गुस्से से शायरी तक का सफर काफी यादगार रहा!





