फतेहपुर सीकरी/आगरा: मुगल सम्राट अकबर के नवरत्नों में से एक और भारत की आधुनिक राजस्व प्रणाली के जनक राजा टोडरमल की 523वीं जयंती आज फतेहपुर सीकरी के तेहरा दरवाजा स्थित हनुमान मंदिर में धूमधाम से मनाई गई। ग्रामीणों और स्थानीय समाजसेवियों ने उनके चित्र पर फूल-माला चढ़ाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में राजा टोडरमल के जीवन, योगदान और मुगल काल में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम का विवरण
जयंती समारोह में मुख्य रूप से मंदिर महंत स्वामी पिपलानंद ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। संयोजक रमेश सविता ने आयोजन की रूपरेखा बताई। वक्ताओं ने राजा टोडरमल के जीवन पर प्रकाश डाला – कैसे उन्होंने अकबर के शासन में राजस्व व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया, दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों का विरोध किया और हिंदू-मुस्लिम एकता को बढ़ावा दिया। प्रमुख उपस्थित:
- संयोजक रमेश सविता
- प्रमेंद्र फौजदार
- विष्णु मित्तल
- यशपाल सिंह
- मोइनुद्दीन
- कलुआ सिंह
- विजेंद्र शर्मा
- गौरव, सचिन, गोविंदा सिंह सहित कई ग्रामीण और समाजसेवी।
सभी ने एक स्वर में राजा टोडरमल को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता आज भी राजस्व विभाग और प्रशासन के लिए प्रेरणा स्रोत है।
राजा टोडरमल का ऐतिहासिक महत्व
राजा टोडरमल (जन्म: 1523-24, मृत्यु: 1589) अकबर के वित्त मंत्री थे। उन्होंने जब्ती प्रणाली (भूमि मापन और कर निर्धारण) शुरू की, जो आज की भारतीय राजस्व प्रणाली की नींव है। फतेहपुर सीकरी में उनका बारादरी (टोडरमल बारादरी) आज भी मौजूद है, जो ASI द्वारा संरक्षित है। पिछले सालों में यहां उत्खनन से 450 साल पुराना टैंक और फव्वारा मिला था। जयंती फतेहपुर सीकरी में हर साल मनाई जाती है, क्योंकि यहीं उन्होंने अपना अधिकांश समय बिताया।
- रिपोर्ट – दिलशाद समीर





