एटा: जिले के मलावन थाना क्षेत्र में आसपुर-सकीट मार्ग पर शनिवार सुबह (8 फरवरी 2026) करीब 7:30 बजे एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। गुरुग्राम से मैनपुरी के गांव जा रही प्राइवेट टैक्सी (ओला/कैब) अनियंत्रित होकर तीव्र मोड़ पर खाई में गिर गई और जामुन के पेड़ से टकरा गई। हादसे में तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। कार तीन बार पलटी और सड़क से 15 फीट दूर गड्ढे में जा गिरी – इतना भीषण हादसा कि कार के परखच्चे उड़ गए।
मृतकों की पहचान
- सुमित यादव (28 वर्ष, टैक्सी चालक, मूल निवासी गांव नगला बरी, थाना कुरावली, मैनपुरी) – भिवाड़ी में नौकरी करते थे, हाल ही में पत्नी स्वाती गांव आई थी।
- शिवम यादव (21 वर्ष, निवासी गांव जखऊआ/गणेशपुरा, थाना कुरावली, मैनपुरी) – तीन बहनों में इकलौता भाई, गुरुग्राम में कैब चलाता था।
- मनकी (19 वर्ष, निवासी गांव जखऊआ, थाना कुरावली, मैनपुरी) – मानसिक रूप से बीमार पिता और आर्थिक तंगी झेल रहे परिवार की सहारा, दो माह से बड़ी बहन खुशबू के साथ गुरुग्राम में नौकरी कर रही थी।
घायल
- खुशबू (22 वर्ष, मनकी की बड़ी बहन) – गंभीर हालत में आगरा मेडिकल कॉलेज रेफर।
- राहुल (28 वर्ष, निवासी गणेशपुरा/गुरुग्राम) – गंभीर घायल, आगरा में भर्ती।
राहगीरों ने कार के शीशे तोड़कर घायलों को निकाला और मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने सुमित, शिवम और मनकी को मृत घोषित किया।
हादसे का कारण
परिवार और राहुल के मुताबिक, पांचों लोग 13 फरवरी को अलीगंज (एटा) में कृष्णा की बहन विनीता की शादी में शामिल होने जा रहे थे। टोल बचाने के लिए मलावन टोल से बचने हेतु आसपुर-सकीट रोड चुना। चालक शिवम को झपकी आ गई, जिससे कार अनियंत्रित हो गई। तेज रफ्तार (करीब 100 किमी/घंटा) का भी असर बताया जा रहा है।
परिवारों में मातम
- मनकी परिवार का सहारा थी – पिता मानसिक रूप से बीमार, आर्थिक परेशानियां। दो बहनों में बड़ी, गुरुग्राम में जिम्मेदारी निभा रही थी। मौत की खबर से घर में चीख-पुकार, महिलाओं का रोना।
- शिवम तीन बहनों में इकलौता बेटा – मां-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल, मां कई बार बेहोश। अंतिम संस्कार जल्दी किया गया।
- सुमित और शिवम सगे मामा-भांजे थे – सुमित की पत्नी स्वाती गांव आई थी, मौत से परिवार में कोहराम।
यह हादसा शादी की खुशियों को मातम में बदलने वाला रहा। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है – तेज रफ्तार, झपकी और टोल बचाने का रिस्क मुख्य कारण लग रहे हैं। प्रशासन ने घायलों के इलाज और परिजनों की मदद का आश्वासन दिया है।





