हाथरस |संजय भारद्वाज|जिला नजर
जनपद हाथरस से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया और उनके सैकड़ों समर्थकों को जिला पुलिस ने नजरबंद कर दिया है। संगठन के सदस्य यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) के एक विवादास्पद कानून के विरोध में प्रधानमंत्री कार्यालय तक पैदल मार्च निकालने की तैयारी में थे, लेकिन प्रशासन ने धारा 144 का हवाला देकर इसे रोक दिया।
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया ने अपने समर्थकों के साथ हाथरस से दिल्ली तक पैदल यात्रा की योजना बनाई थी। इस मार्च का उद्देश्य यूजीसी के नए कानून को ‘काला कानून’ बताते हुए प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपना था, जिसे वे सवर्ण समाज के भविष्य पर प्रहार मानते हैं। संगठन का दावा है कि यह कानून जातीय आधार पर शिक्षा में असमानता बढ़ाएगा और सवर्ण छात्रों के अवसरों को प्रभावित करेगा। हालांकि, जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए मार्च को अवैध घोषित कर दिया और कार्यकर्ताओं को रोक लिया।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पंकज धवरैया, निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री सहित कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने घरों और कार्यालयों पर नजरबंद कर दिए गए। पुलिस ने उनके आवासों के बाहर भारी फोर्स तैनात कर दिया है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है।
कड़ाके की ठंड में कार्यकर्ता अलाव जलाकर बैठे नजर आए, जबकि झंडे और बैनर लिए हुए उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर गुस्सा जाहिर किया। कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति न देने पर सवाल उठाए।





