🔹जिला ब्यूरो चीफ: मुहम्मद इसरार खान
मुरैना/मप्र | सुजागृति समाजसेवी संस्था मुरैना के तत्वावधान में औषधि कृषि पर आधारित समाज के किसानों का एक दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस भ्रमण के अंतर्गत राष्ट्रीय तिलहन मिशन योजना के तहत राज्य के बाहर से आए किसानों ने मुरैना पहुंचकर औषधीय खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों को नज़दीक से देखा, समझा और सीखा।
दमोह एवं सागर जिले के विकासखंड पथरिया से आए 15 किसानों का यह दल डॉ. उमाशंकर प्रजापति, किसान संघ के प्रमुख श्री हरबंस सिंह ठाकुर, जगजीवन लाल जी ‘कक्का’ तथा दतिया से डॉ. विनोद मिश्रा के नेतृत्व में मुरैना पहुंचा। विभिन्न क्षेत्रों से विशेषज्ञों और किसानों का एक साथ आना संस्था के लिए सुखद और प्रेरणादायक संयोग रहा।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान किसानों ने संस्था की नर्सरी, आधुनिक उपकरणों, औषधीय पौधों की खेती, शतावर एवं गूगल (गुग्गुल) प्लांटेशन की तकनीकी प्रक्रिया का अवलोकन किया। साथ ही परंपरागत एवं प्राकृतिक पद्धतियों से उगाई जा रही औषधियों और विभिन्न प्रकार के बीजों की जानकारी भी प्राप्त की।

इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष जाकिर हुसैन ने कहा कि
“शैक्षणिक भ्रमण केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह दृष्टिकोण में भी सकारात्मक बदलाव लाता है।”
उन्होंने बताया कि इस प्रकार के भ्रमण से परिणाम-आधारित अनुसंधान, नीति निर्माण, जनस्वास्थ्य योजनाओं और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी। साथ ही आम जनता और किसानों के लिए औषधि खेती के क्षेत्र में भरोसा और पहुंच दोनों बेहतर होंगी।
भ्रमण के समापन अवसर पर ग्राम गोपालपुर, मुरैना में सभी किसानों को एक-एक औषधीय पौधा वितरित किया गया और सामूहिक पौधारोपण भी कराया गया। यह पहल न केवल तकनीकी विकास का प्रतीक है, बल्कि प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय से मानव स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।























