कासगंज: उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के अमांपुर कस्बे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। वेल्डिंग का काम करने वाले 45-50 वर्षीय सत्यवीर (कुछ रिपोर्ट्स में श्यामवीर या सत्यवीर उर्फ श्यामवीर) ने कथित तौर पर आर्थिक तंगी और बेटे की गंभीर बीमारी से तंग आकर पहले अपनी पत्नी रामश्री (40-46) और तीन नाबालिग बच्चों – प्राची (14), आकांक्षा (12-13), गिरीश (10) की जान ली, फिर खुद फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली।
घटना का पूरा क्रम और पुलिस की जांच
शनिवार शाम करीब 6:30 बजे पड़ोसियों को घर से कोई आहट नहीं मिलने पर शक हुआ। सूचना मिलते ही अमांपुर पुलिस मौके पर पहुंची। घर अंदर से बंद था, एक दरवाजे पर ताला लगा था। एसपी के निर्देश पर फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वायड और वीडियोग्राफी टीम बुलाई गई। पुलिस ने दरवाजा कटवाकर अंदर प्रवेश किया।
घर के अंदर का मंजर देख पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए:
- सत्यवीर का शव छत के कुंदे पर साड़ी के फंदे से लटका मिला।
- पत्नी रामश्री का शव अलग जगह पड़ा था, गले पर धारदार हथियार से कटे निशान थे।
- तीन बच्चों के मुंह से झाग निकल रहा था, बड़ी बेटी प्राची के मुंह से खून भी आया था। पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि बच्चों को जहरीला पदार्थ (जहर) खिलाया गया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच से मौत का सटीक कारण और समय पता चलेगा। पुलिस का कहना है कि घटना तीन दिन पहले हुई, क्योंकि शवों में सड़न शुरू हो चुकी थी।
आर्थिक तंगी और बेटे की बीमारी बनी वजह
डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने मौके पर पत्रकारों से बातचीत में बताया कि प्रथम दृष्टया आर्थिक संकट मुख्य कारण है। सत्यवीर मूल रूप से नगला भोजराज गांव के रहने वाले थे। करीब 8-10 साल पहले बच्चों का बेहतर भविष्य बनाने के लिए अमांपुर आकर पेट्रोल पंप के पीछे किराए के छोटे मकान में रहने लगे। यहां एक छोटी वेल्डिंग/खराद की दुकान चलाते थे।
परिवार के चाचा गया प्रसाद और पड़ोसियों ने बताया:
- बेटा गिरीश को न्यूरोलॉजिकल समस्या (सिर में नस की बीमारी) थी, इलाज में भारी खर्च हो रहा था।
- कुछ दिन पहले ही पड़ोसी से 1000 रुपये उधार लिए थे।
- चार दिन पहले गांव जाकर मदद मांगी, लेकिन परिवार वालों ने सहयोग नहीं किया। इससे सत्यवीर गहरे अवसाद में चला गया।
- तीन दिन से घर में चूल्हा नहीं जला, कोई बर्तन या खाने का सामान नहीं मिला। घर में बेसिक सामान भी नहीं था।
स्थानीय विधायक और समाज का दुख
अमांपुर विधायक हरिओम वर्मा ने घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, “परिजनों की मौत के पीछे आर्थिक तंगी मुख्य वजह है। अगर कोई अन्य विवाद है तो जांच में सामने आएगा।”





