आगरा। माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा सेवारत शिक्षकों पर लागू की गयी शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी से उत्पन्न हुई समस्या को लेकर आंदोलनरत शिक्षकों का नैतिक समर्थन करते हुए उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह छौंकर ने कहा है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अब निर्णय न करते हुए नित रोज नए-नए तुगलकी फरमान जारी किए जाते हैं जिस तरह से 2017 में बगैर सोचे समझे पोंने दो लाख शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त किया था

ठीक बैसे ही 2010 में टीईटी लागू होने से पूर्व के नियुक्त शिक्षकों पर अब टीटीई को थोपना न्याय संगत नहीं है। आज 50 हजार से अधिक शिक्षामित्र टेट पास हैं क्या कोर्ट उन्हें सरकार से कहकर सहायक अध्यापक का बेतन दिलवा सकता है पिछले 8 साल से सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गयी है क्या कोर्ट ने कभी सरकार से मानदेय बढ़ाने के लिए एक बार भी कहा।

शिक्षकों की इस लड़ाई में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ अपना नैतिक समर्थन देता है । हमारी संवेदना शिक्षकों के साथ हैं । शिक्षक साथी आत्मघाती कदम न उठाएं । सरकार श्के मांग है शिक्षामित्र व शिक्षकों के भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए संसद में अध्यादेश लाकर जीवन को बचाने का काम करें।

  • रिपोर्ट – मुहम्मद इस्माइल

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