रिपोर्ट 🔹मुहम्मद इस्माइल

फतेहपुर सीकरी, आगरा। आगरा जनपद के फतेहपुर सीकरी विकासखंड के अंतर्गत आने वाला बेमन गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से महरूम है। यहां की सड़क बीते पांच वर्षों से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। हालात ऐसे हैं कि पैदल चलना भी जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि हल्की बारिश होते ही यह दलदल में बदल जाती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों का निकलना लगभग असंभव हो जाता है। गड्ढों में फंसी ज़िंदगी को देख प्रशासन और जनप्रतिनिधि आँखें मूँदे बैठे हैं।

कई बार दी गई शिकायतें, फिर भी न लायक़ी हिली, न शासन की कलम

गांव वालों ने बताया कि उन्होंने कई बार लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन हर बार आश्वासन के झुनझुने पकड़ा दिए गए। सड़क जस की तस बनी रही। जनता का गुस्सा अब उबाल पर है।

अखंड भारत परशुराम सेना’ ने दी चेतावनी – 10 दिन में काम नहीं हुआ तो होगा ज़बरदस्त आंदोलन!

ग्रामीणों का कहना है कि अब पानी सिर के ऊपर जा चुका है। अखंड भारत परशुराम सेना के साथ मिलकर जन आंदोलन की चेतावनी दी गई है। अगर 10 दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई, तो बेमन की जनता सड़कों पर उतरकर प्रशासन की नींद तोड़ेगी।

इस मौके पर मौजूद प्रमुख लोगों में –
👉 प्रदेश अध्यक्ष अवधेश शर्मा,
👉 पंडित शिवकुमार रावत,
👉 बंटू चाहर, सत्तो चाहर,
👉 जनक सिंह चाहर, पप्पू चाहर, बीनू चौधरी,
👉 सतीश, शिशुपाल कटरा,
👉 पुरुषोत्तम वशिष्ठ और डवोकेट भूदेव वशिष्ठ शामिल रहे।
सभी ने प्रशासन की तटस्थता पर गहरी नाराज़गी ज़ाहिर की और कहा कि “अब चुप नहीं बैठेंगे।”

सवाल उठता है — आखिर कब जागेगा प्रशासन?

क्या बेमन गांव के लोग विकास से हमेशा ऐसे ही कटे रहेंगे?
क्या चुनावों में वोट लेने वाले जनप्रतिनिधि अब जवाब देंगे?
क्या शासन-प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतज़ार है?


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