गुरसराय/झाँसी। श्री बजरंग मानस प्रचारिणी समिति के तत्वावधान में नगर के पटकाना मोहल्ले में स्वामी राम मंगलदास जी महाराज की प्रेरणा से आयोजित 45वें श्रीरामचरितमानस सम्मेलन का बुधवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ समापन हो गया। सम्मेलन के अंतिम दिन संतों के ओजस्वी प्रवचनों से पूरा वातावरण राममय हो गया।

कथा में प्रवचन देते हुए अयोध्या से पधारीं आचार्या डॉ. मांडवी अनुचरी ने कहा कि भगवान का स्वभाव ही कृपा करना है, लेकिन भगवान की कृपा तभी प्राप्त होती है जब पहले गुरुकृपा प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा, संतों की कृपा, गुरु की कृपा और स्वयं पर की गई कृपा—जब ये सभी एक साथ मिल जाती हैं, तभी सत्संग की सच्ची प्राप्ति होती है। उन्होंने गुरु कृपा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि उसी से सद्बुद्धि और प्रभु की अनुकंपा मिलती है।

अयोध्या से पधारे संत रामकृष्ण दास जी महाराज ने हनुमान जी के चरित्र का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि हनुमान जी संकट मोचन और प्राण रक्षक हैं। प्रभु श्रीराम की आज्ञा से वे लक्ष्मण जी के लिए संजीवनी बूटी लाए। उन्होंने कहा कि हम रामायण तो सुनते हैं, लेकिन उसे अपने जीवन में उतारने का प्रयास नहीं करते।

वहीं अयोध्या से आए संत रामकुमार दास जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि सच्चे सद्गुरु की शरण में जाने से जीवन के समस्त दुखों का नाश हो जाता है। उन्होंने कहा कि जब जीवन में दुख, भय या चिंता आए, तो सांसारिक लोगों के बजाय हमें एक सच्चे सद्गुरु की शरण लेनी चाहिए।

संत बालक दास जी महाराज ने सुंदरकांड के प्रसंग में साधु-संतों की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि वही साधु है जो सहनशील, संयमी और परम संतोषी होता है। इसके अतिरिक्त अंजनी गुफा, अयोध्या से पधारे संत राम नवल दास जी महाराज ने भी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।

संगीत और संचालन

कार्यक्रम का कुशल संचालन रानू तिवारी छिरौरा ने किया। हारमोनियम पर वैजनाथ विश्वकर्मा तथा ढोलक पर देवेन्द्र घोष और हनी नामदेव ने संगत कर कथा को संगीतमय बनाया।

उपस्थित गणमान्य

इस अवसर पर कुंजबिहारी अरजरिया, हरिहर नाथ विदुआ, अविनाश गोस्वामी, लक्ष्मीनारायण घोष, उमाशंकर विदुआ, फूल सिंह परिहार, विष्णुनारायण पस्तोर, वीर सिंह परिहार, जगदंबिका प्रसाद गौतम, अशोक शर्मा, लल्लूराम दिली, पुष्पेन्द्र पटेरिया, विनोद कुमार जोशी, सरजू शरण पाठक, राजकुमार सेन, ओमप्रकाश मिश्रा, गुलजारी लाल खरे, महेंद्र चतुर्वेदी, प्रमोद पस्तोर, रवि अर्जरिया, केशव दास पाठक, चंद्रशेखर खरे, ऊदल सिंह घोष, संतोष तिवारी, राजेन्द्र सोनी, उमाशंकर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

  • रिपोर्ट – रोहित साहू

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