गोरखपुर: पीपीगंज थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक मर्यादाओं पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) की दोपहर से लापता एक 35 वर्षीय चाची और उसके 15 वर्षीय नाबालिग भतीजे (कक्षा 9 का छात्र) को पुलिस ने सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से सोमवार (10 फरवरी) को बरामद कर लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि महिला अपने भतीजे से प्रेम प्रसंग का दावा करते हुए उसके साथ शादी रचाने की तैयारी में थी।

लोकलाज के डर से छिपाया, फिर पुलिस में शिकायत

परिजनों के अनुसार, महिला का पति (भतीजे का चाचा) काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहता है। चाची और भतीजा घर में घंटों साथ बिताते थे, फोन पर बातें करते थे, लेकिन पवित्र रिश्ते के कारण किसी को शक नहीं हुआ। 26 जनवरी को दोनों अचानक गायब हो गए। परिवार ने पहले बदनामी के डर से खुद तलाश की, रिश्तेदारों से पूछा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। जब कुछ नहीं बिगड़ा, तो पीपीगंज थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी गई।

सीसीटीवी ने बिगाड़ा ‘वेडिंग प्लान’

पीपीगंज पुलिस ने गायब होने के रूट पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। दूसरे थाने की मदद से सोमवार को दोनों को एक साथ पकड़ा गया। थाने में पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह नाबालिग भतीजे को साथ ले गई थी और शादी करने की योजना बना रही थी। पकड़े जाने के बाद भी महिला घंटों तक थाने में भतीजे के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही। भतीजे ने भी शादी की इच्छा जताई। दोनों ने साथ जीने-मरने की बात कही।

बिना FIR के सुलझा मामला – पंचायत से समझौता

थाने में घंटों हाई-वोल्टेज ड्रामा चला। लड़के के परिजनों और महिला के मायके वालों ने काफी समझा-बुझाकर स्थिति संभाली। नाबालिग लड़का परिवार के साथ जाने को तैयार हो गया। थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के लिखित अनुरोध और कानूनी कार्रवाई से इनकार करने के बाद, उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। मामला बिना FIR के पंचायत और काउंसलिंग से सुलझा लिया गया।

यह घटना गोरखपुर में काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर लोग रिश्तों की मर्यादा, नाबालिगों की सुरक्षा और पारिवारिक निगरानी पर सवाल उठा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में POCSO एक्ट जैसी धाराएं लागू हो सकती हैं, लेकिन परिवार की सहमति और नाबालिग की उम्र को देखते हुए पुलिस ने समझौते का रास्ता अपनाया।

दैनिक जिला नज़र – (नजरिया सच का) प्रिंट & सोशल मीडिया न्यूज़ नेटवर्क दैनिक जिला नज़र सत्यनिष्ठ पत्रकारिता और जनपक्षीय विचारधारा का विश्वसनीय मंच है। हम समाचारों को केवल प्रसारित नहीं करते—बल्कि उन्हें प्रमाणिकता, नैतिकता और गहन विवेक के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। स्थानीय सरोकारों से लेकर राष्ट्रीय मुद्दों तक, हर सूचना को हम निष्पक्ष दृष्टि, आधुनिक संपादकीय मानकों और जिम्मेदार मीडिया आचरण के साथ प्रस्तुत करते हैं। प्रिंट की गरिमा और डिजिटल की गति—दोनों का संतुलित संगम है "जिला नज़र"। हमारा ध्येय है— सत्य को स्वर देना, समाज को दिशा देना। दैनिक जिला नज़र जहाँ समाचार विश्वसनीयता की भाषा बोलते हैं।

error: Content is protected !!
Exit mobile version