आगरा। ऐतिहासिक विरासत विजयपुर सीकरी को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित करने की मांग एक बार फिर बुलंद हुई है। विजयपुर सीकरी संघर्ष मोर्चा ने जिलाधिकारी आगरा के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को 6 सूत्रीय मांगपत्र सौंपते हुए कहा कि सिकरवारों की प्राचीन राजधानी का वास्तविक नाम और सम्मान अब लौटाया जाना आवश्यक है।
विजयपुर सीकरी संघर्ष मोर्चा ने शुक्रवार को जिलाधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर फतेहपुर सीकरी का मूल नाम विजयपुर सीकरी पुनर्स्थापित किए जाने की मांग उठाई। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि इतिहास के अनेक प्रमाण इस बात को सिद्ध करते हैं कि वर्तमान फतेहपुर सीकरी क्षेत्र मूलतः सिकरवार वंश द्वारा बसाया गया समृद्ध नगर विजयपुर सीकरी था।
उन्होंने कहा कि राजा विजय सिंह सिकरवार के नाम पर बसे इस नगर को बाद में मुस्लिम इतिहासकारों ने फतहपुर सीकरी कहा, जो आगे चलकर अपभ्रंश रूप में आज फतेहपुर सीकरी बोला जाने लगा। मोर्चा का दावा है कि इतिहास के साथ हुए इस परिवर्तन को ठीक करना अब समय की मांग बन चुका है।
ज्ञापन में जो छह सूत्रीय मुख्य मांगें उठाई गई हैं, वे हैं- फतेहपुर सीकरी का ऐतिहासिक नाम विजयपुर सीकरी पुनर्स्थापित किया जाए। सीकरी में राणा सांगा की प्रतिमा स्थापित की जाए। सीकरी के अंतिम राजा धामदेव सिकरवार की मूर्ति लगाई जाए। कथित सलीम चिश्ती दरगाह में चादर बिक्री सहित सभी व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगे। स्थानीय सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के लिए स्पेशल हेरिटेज बोर्ड का गठन किया जाए। सिकरवार वंश के इतिहास को पर्यटक केंद्रों पर प्रदर्शित करने हेतु सूचना पट्ट लगाए जाएं।
अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने कहा कि यह मांग न केवल ऐतिहासिक न्याय है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने का आवश्यक कदम भी है। ज्ञापन देते समय अजय प्रताप सिंह के साथ मनोज सिकरवार, नरेंद्र जादौन, प्रेम सिंह सिकरवार, कृपाल सिंह, जितेन्द्र सिंह परमार, सीमा ठाकुर, नीतू सोलंकी, भोला पहलवान, पवन सिंह सहित बड़ी संख्या में मोर्चा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- रिपोर्ट – दिलशाद समीर

