गोंडा/अलीगढ |संजय भारद्वाज|जिला नजर

जनपद अलीगढ के गोंडा थाना क्षेत्र के गाँव गहलऊ में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक स्थानीय स्वर्णकार ने दर्जनों ग्रामीणों से करोड़ों रुपये की ठगी की और परिवार सहित फरार हो गया। पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चों की शादियों के लिए सोने-चांदी के जेवर बनवाने के उद्देश्य से आरोपी को बड़ी रकम सौंपी थी, लेकिन न तो जेवर मिले और न ही पैसा वापस। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

पीड़ितों के अनुसार, सभी लेन-देन ऑनलाइन माध्यम से किए गए थे। स्वर्णकार ने विश्वास में लेकर ग्रामीणों से पैसे ऐंठे और अचानक गायब हो गया। काफी समय बीत जाने के बाद भी आरोपी से कोई संपर्क नहीं हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि इस ठगी से कई परिवारों की शादी की तैयारियां प्रभावित हुई हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। एक पीड़ित ने कहा, “हमने अपनी जमा-पूंजी सौंपी थी, लेकिन अब सब बर्बाद हो गया।” ऐसे मामलों में अक्सर ठग ग्रामीणों के भोलेपन का फायदा उठाते हैं, जैसा कि हाल ही में basti में नकली सोने की ठगी के मामले में देखा गया।

घटना से नाराज ग्रामीणों ने एकजुट होकर गोंडा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित की गई है। थाना प्रभारी ने बताया, “हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जल्द ही आरोपी को पकड़ा जाएगा।” हालांकि, गोंडा में हाल के महीनों में ठगी के कई मामले सामने आए हैं, जैसे जीएसटी फर्जीवाड़ा और बैंक घोटाले, जो इलाके में बढ़ती धोखाधड़ी की प्रवृत्ति को दर्शाते हैं।

यह घटना सवाल खड़े करती है कि ग्रामीण इलाकों में ऐसे ठगों से कैसे बचा जाए? विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन लेन-देन में सतर्कता बरतनी चाहिए और स्थानीय पुलिस की मदद लेनी चाहिए। फिलहाल, पीड़ित न्याय की उम्मीद में हैं और पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में क्या नया मोड़ आएगा, यह देखना बाकी है।

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