बुलंदशहर। ग्रामीण इलाकों में सच्चाई की अलख जगाने वाले पत्रकारों ने आज अपनी आवाज बुलंद करते हुए सरकार से बड़े बदलाव की मांग की है। मंगलवार को बुलंदशहर में दर्जनों पत्रकारों का जमावड़ा लगा, जहां उन्होंने सुरक्षा, मान्यता और अधिकारों की लड़ाई को तेज करते हुए सिकंदराबाद विधायक लक्ष्मीराज सिंह को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। यह कार्रवाई ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश (ग्रापए) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ सिंह के आवाहन पर हुई, जो पत्रकारों के उत्थान और सुरक्षा को लेकर एक बड़े आंदोलन की शुरुआत का संकेत दे रही है।
ग्रापए के जिलाध्यक्ष ठाकुर विजय राघव के नेतृत्व में तहसील और जनपद स्तर से आए पत्रकारों ने विधायक से मुलाकात की और अपनी पीड़ा को बेबाकी से बयां किया। ठाकुर विजय राघव ने बताया कि ग्रापए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों का प्रदेश का सबसे बड़ा रजिस्टर्ड संगठन है, जो 18 मंडलों और 75 जिलों में सक्रिय है। “ग्रामीण क्षेत्रों में पत्रकार बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं, संसाधनों की कमी के बावजूद सच्चाई को सामने लाते हैं। लेकिन उनकी सुरक्षा और मान्यता को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट नहीं हैं,” उन्होंने जोर देकर कहा।
पत्रकारों की मांगें बेहद जायज और सशक्त हैं, जो पत्रकारिता की रक्षा और मजबूती पर केंद्रित हैं:
मान्यता और सुरक्षा की गारंटी: तहसील स्तर पर काम करने वाले दैनिक समाचार पत्रों के पत्रकारों को तत्काल मान्यता प्रदान की जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
निष्पक्ष जांच अनिवार्य: पत्रकारों पर कोई प्राथमिकी दर्ज करने से पहले किसी राजपत्रित अधिकारी द्वारा निष्पक्ष जांच को अनिवार्य बनाया जाए, ताकि फर्जी मुकदमों से बचाव हो।
ग्रामीण पत्रकार आयोग का गठन: पत्रकारों की समस्याओं का अध्ययन और समाधान के लिए एक स्वतंत्र आयोग बनाया जाए।
आयुष्मान कार्ड की सुविधा: सभी पत्रकारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कवरेज प्रदान किया जाए।
जिला स्तरीय समिति की बैठकें: पत्रकारों की रक्षा के लिए जिला स्तर पर स्थाई समिति की नियमित बैठकें सुनिश्चित की जाएं।
मान्यता समितियों में प्रतिनिधित्व: प्रदेश स्तर पर गठित पत्रकार मान्यता समिति और विज्ञापन मान्यता समिति में ग्रापए के दो प्रतिनिधियों को सदस्य बनाया जाए।
विधायक लक्ष्मीराज सिंह ने पत्रकारों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें पूरा आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “मैं इन मांगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाऊंगा और संबंधित विभागों से त्वरित निराकरण सुनिश्चित करवाऊंगा। पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं, उनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।”
इस महत्वपूर्ण मौके पर ग्रापए के वरिष्ठ महामंत्री सुरेंद्र सिंह भाटी, मंडल अध्यक्ष संजय गोयल, जिला मंत्री सुरेश भाटी, प्रदीप तोमर, अनिल तोमर, जेपी गुप्ता, कपिल राघव, आकाश सक्सेना, लकी, कुलदीप पंडित, लोकेश समेत दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।
यह घटना न केवल पत्रकारों की एकजुटता को दर्शाती है, बल्कि सरकार पर दबाव बढ़ाने का साफ संदेश देती है कि अब कलम की ताकत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। क्या यह मांगें पूरी होंगी? आने वाले दिनों में इसका जवाब मिलेगा, लेकिन फिलहाल पत्रकारों की हुंकार पूरे प्रदेश में गूंज रही है!

