आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम, समूह सखियों ने बढ़ाया उत्साह
इगलास (अलीगढ़)। उत्तर प्रदेश के इगलास विकास खंड में चल रहा स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्यता अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में एक नई क्रांति ला रहा है। ग्रामीणों, खासकर महिलाओं में इस अभियान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग समूहों से जुड़कर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
एडीओ-आईएसबी राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में आयोजित बैठक में समूह सखी, बैंक सखी और संबंधित कर्मचारियों को एसएचजी की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य अभियान को और प्रभावी बनाना था, जहां सभी आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए गए। इस दौरान खंड विकास अधिकारी चेतन्य पाठक ने समूह सखियों और कार्यकर्ताओं के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कुशल नेतृत्व प्रदान करते हुए उपयोगी सलाह दी, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।
अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य ग्रामीणों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। एसएचजी के माध्यम से महिलाएं छोटे-छोटे उद्यम शुरू कर सकती हैं, ऋण प्राप्त कर सकती हैं और सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान दे सकती हैं। पिछले कुछ महीनों में ऐसे अभियानों ने हजारों परिवारों की जिंदगी बदली है, और इगलास में भी यही उम्मीद की जा रही है।
अभियान की सफलता की झलक
ग्रामीण क्षेत्रों में एसएचजी मीटिंग्स का दृश्य बेहद प्रेरणादायक होता है। महिलाएं एक साथ बैठकर अपनी समस्याओं पर चर्चा करती हैं और समाधान ढूंढती हैं। नीचे कुछ प्रतिनिधि छवियां देखें, जो ग्रामीण भारत में महिला सशक्तिकरण की ताकत दिखाती हैं:
यह अभियान न केवल आर्थिक मदद प्रदान करता है, बल्कि सामाजिक एकता को भी मजबूत करता है। अधिकारियों ने अपील की है कि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हों और अपने गांव को समृद्ध बनाएं।
( रिपोर्ट: संजय भारद्वाज )

