फतेहाबाद/आगरा: कस्बा फतेहाबाद के अंबेडकर चौक पर सोमवार सुबह भगवान बाल्मीकि की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विवाद हो गया। प्रतिमा स्थापना को पुलिस द्वारा रोकने पर बाल्मीकि समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग थाना फतेहाबाद पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।

पुलिस के अनुसार, प्रतिमा स्थापना के लिए शासन या प्रशासन से कोई अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। इसी बीच कस्बा निवासी पालीवाल परिवार की ओर से थाना फतेहाबाद में तहरीर देकर बताया गया कि जिस स्थान पर प्रतिमा स्थापित की जा रही है, वह उनके पूर्वजों का कुआं है और उस पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर लेने के बाद स्पष्ट कर दिया कि बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी प्रकार की प्रतिमा स्थापित नहीं होने दी जाएगी। पुलिस ने बाल्मीकि समाज के लोगों को प्रतिमा हटाने के लिए लगभग आधा घंटे का समय दिया, लेकिन निर्धारित समय में प्रतिमा नहीं हटाई गई। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रतिमा को हटवा दिया।

इस कार्रवाई से बाल्मीकि समाज के लोगों में रोष फैल गया। बाल्मीकि समाज के विवेक चौधरी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि वह अपने मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे थे, तभी पालीवाल परिवार के कुछ लोग और अन्य अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें अपने कागजात दिखाने का पूरा अवसर नहीं दिया। विवेक चौधरी ने बताया कि इस मामले में वे पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ मंगलवार को न्यायालय में वाद दायर करेंगे।

वहीं, रजत पालीवाल ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि उक्त कुआं उनके पूर्वजों का है और बाल्मीकि समाज के लोग उस पर अवैध कब्जा कर प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। पालीवाल परिवार का कहना है कि वे वहां बाउंड्री वॉल का निर्माण कराना चाहते थे और इसी के लिए कुछ दिन पहले से निर्माण सामग्री रखवाई गई थी, जिसे पुलिस ने हटवा दिया। बाल्मीकि समाज का दावा है कि यह कुआं उन्हें पालीवाल परिवार के बुजुर्गों द्वारा दान में दिया गया था और लंबे समय से उनका कब्जा और पूजा-अर्चना जारी है।

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इंस्पेक्टर तरुण धीमान का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है और बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण या प्रतिमा स्थापना नहीं होने दी जाएगी।

  • रिपोर्ट – सुशील गुप्ता

दैनिक जिला नज़र – (नजरिया सच का) प्रिंट & सोशल मीडिया न्यूज़ नेटवर्क दैनिक जिला नज़र सत्यनिष्ठ पत्रकारिता और जनपक्षीय विचारधारा का विश्वसनीय मंच है। हम समाचारों को केवल प्रसारित नहीं करते—बल्कि उन्हें प्रमाणिकता, नैतिकता और गहन विवेक के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। स्थानीय सरोकारों से लेकर राष्ट्रीय मुद्दों तक, हर सूचना को हम निष्पक्ष दृष्टि, आधुनिक संपादकीय मानकों और जिम्मेदार मीडिया आचरण के साथ प्रस्तुत करते हैं। प्रिंट की गरिमा और डिजिटल की गति—दोनों का संतुलित संगम है "जिला नज़र"। हमारा ध्येय है— सत्य को स्वर देना, समाज को दिशा देना। दैनिक जिला नज़र जहाँ समाचार विश्वसनीयता की भाषा बोलते हैं।

error: Content is protected !!
Exit mobile version