आगरा: ताजनगरी में शनिवार दोपहर राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने कांग्रेस कार्यालय (राजा मंडी) के घेराव का ऐलान किया, जिसके बाद कार्यकर्ता दोपहर करीब 2 बजे कूच करने निकले। लेकिन सेंट जोंस चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पहले से घोषित कार्यक्रम के कारण कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए थे। किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया, और दोनों पक्षों को आमने-सामने आने से रोका गया।

10 कदम की दूरी पर टकराव, 30 मिनट तक तनाव

  • सेंट जोंस चौराहे पर पुलिस और भाजयुमो कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय से महज 10 कदम दूर थे, लेकिन पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया।
  • नाराज भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चौराहे पर उनका पुतला फूंका। पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की, लेकिन कुछ कार्यकर्ताओं ने पीछे हटकर दूसरे पुतले में आग लगा दी।
  • करीब 30 मिनट तक चले इस घटनाक्रम में एमजी रोड पर जाम जैसी स्थिति बनी, माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। पुलिस की सतर्कता से बड़ा टकराव टल गया।

विरोध की वजह: AI समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन

भाजपा युवा मोर्चा के क्षेत्रीय मंत्री गौरव राजावत के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस पर तीखे आरोप लगाए गए। उनका कहना था कि कांग्रेस वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती साख (जैसे AI इम्पैक्ट समिट 2026 की सफलता) से असहज है और विरोध के नाम पर देश की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है। युवा मोर्चा अध्यक्ष प्रियांशु दत्त द्विवेदी ने पहले ही प्रदर्शन का ऐलान किया था। प्रदर्शन में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने और राहुल गांधी का पुतला दहन करने की बात कही गई।

यह विरोध दिल्ली में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन के खिलाफ देशव्यापी है। भाजपा इसे देशद्रोही और अनुशासनहीन बताकर पूरे देश में कांग्रेस कार्यालयों के घेराव कर रही है। आगरा के अलावा भोपाल, जयपुर, वाराणसी, अमरोहा, इंदौर आदि जगहों पर भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए, जहां पुतला दहन और नारेबाजी हुई।

कांग्रेस की तैयारी और पुलिस की चौकसी

घोषित कार्यक्रम को देखते हुए कांग्रेस कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। कांग्रेस कार्यकर्ता भी गेट पर एकत्र हो गए थे। पुलिस ने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को आमने-सामने आने से रोका और स्थिति को नियंत्रण में रखा। हालांकि, उग्र नारेबाजी और पुतला दहन ने माहौल गरमा दिया।

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