मथुरा पुलिस अपने सिस्टम को और अधिक तेज-तर्रार और हाईटेक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। अपराध नियंत्रण और त्वरित पहचान सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में आगरा मंडल के डीआईजी शैलेश पांडे दो दिवसीय निरीक्षण पर मथुरा पहुंचे।निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने पुलिस लाइन में परेड का जायजा लिया और अधिकारियों को अनुशासन एवं कार्यकुशलता बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यालयों और पुलिस मॉडर्न स्कूल का भी दौरा किया।इस दौरान डीआईजी ने बाल शिशु सुरक्षा केंद्र, नफीस सेल के बाद सीसीटीएनएस कार्यालय का उद्घाटन किया। अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी अपराधी द्वारा घटना को अंजाम देने के बाद मौके पर छोड़े गए सबूतों के आधार पर उसकी पहचान सुनिश्चित की जा सके।उन्होंने बताया कि अब अपराधियों का डेटा सिस्टम में सुरक्षित रहेगा। यदि अपराधी किसी भी स्थान पर घटना कर फरार हो जाता है, तो तकनीकी डाटाबेस के माध्यम से उसकी पहचान और गिरफ्तारी आसान हो जाएगी।मथुरा पुलिस का यह कदम अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है,जिससे जनपद में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है।

राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।

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