झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज (MLBMC) में एक मामूली बताई गई नाक की सर्जरी (नेजल पॉलिप्स हटाने) 9 वर्षीय बच्चे कृष्णा कुमार की मौत का कारण बन गई। चिरगांव क्षेत्र के तुलसी आश्रम निवासी जितेंद्र (दुकानदार) ने बताया कि उनका बड़ा बेटा एक नथुने से सांस लेने में परेशान था। उम्मीद लेकर 25 दिसंबर को वे ENT ओपीडी पहुंचे, जहां डॉ. तौसीफ अंसारी ने दवा दी और 7 दिन बाद बुलाया।
1 जनवरी को दोबारा दिखाया तो राहत मिलने के बावजूद ऑपरेशन की सलाह दी गई। जितेंद्र ने आर्थिक स्थिति बताकर मना किया, लेकिन 3 जनवरी को भर्ती करा दी गई। जांचें नॉर्मल आने पर 5 जनवरी सुबह ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया।
पिता के अनुसार, सर्जरी शुरू हुए करीब 40 मिनट बाद एक महिला डॉक्टर दौड़कर थिएटर में गईं। इसी दौरान कुछ कर्मचारियों ने ‘दवाएं उपलब्ध कराने’ के नाम पर 2500 रुपये लिए, लेकिन 1000 रुपये लौटा दिए। थोड़ी देर बाद बच्चे को स्ट्रेचर पर इमरजेंसी ICU लाया गया – शरीर में कोई हलचल नहीं, पूरी तरह ठंडा। लगभग 2 घंटे बाद मृत घोषित कर दिया गया और वाहन से घर भेज दिया।
जितेंद्र का सीधा आरोप है – डॉक्टरों की लापरवाही से बेटे की मौत हुई। ENT विभागाध्यक्ष डॉ. एसके कश्यप ने कहा, “मुझे मामले की कोई जानकारी नहीं।” जबकि डॉ. तौसीफ अंसारी ने दावा किया, “ऑपरेशन के दौरान हार्ट फेल हो गया।”
कॉलेज प्रशासन ने अब एक्शन लिया है। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने कहा, “ईएनटी विभाग से उपचार और जांच रिपोर्ट तलब की गई है। डेथ ऑडिट कराया जाएगा। लापरवाही साबित होने पर सख्त कार्रवाई होगी।”
- रिपोर्ट – नेहा श्रीवास

