मथुरा। उत्तर प्रदेशीय धनगर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रणवीर धनगर के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल महोदय के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। यह ज्ञापन वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर निर्माण कार्य के दौरान अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा/स्मृति को बुल्डोजर से ध्वस्त किए जाने के विरोध में दिया गया।रणवीर धनगर ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर हुई यह घटना न केवल धनगर समाज बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक भावनाओं पर आघात है। माता अहिल्याबाई होल्कर भारतीय इतिहास की महान शासिका, समाज सुधारक और सनातन संस्कृति की संरक्षिका रही हैं। उनके द्वारा देशभर में अनेक घाटों, मंदिरों और धर्मस्थलों का जीर्णोद्धार कराया गया, ऐसे में उनकी स्मृति का इस प्रकार नष्ट किया जाना अत्यंत निंदनीय है।धनगर महासभा के संरक्षक हरिओम पाल धनगर ने प्रशासन पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि इस कृत्य से समाज में भारी रोष व्याप्त है और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आवश्यक है।
धनगर महासभा की प्रमुख मांगें

1. मणिकर्णिका घाट पर ध्वस्त की गई माता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा/स्मृति का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए।
2. इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
3. भविष्य में किसी भी ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को क्षति न पहुंचे, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
4. माता अहिल्याबाई होल्कर के सम्मान में उस स्थल पर स्थायी सूचना पट्ट/स्मारक स्थापित किया जाए।
इस अवसर पर मण्डल प्रभारी धीरेन्द्र कुमार धनगर, मानसिंह धनगर, होतीलाल बघेल, तेजपाल धनगर, सुरेश बघेल, महेश बाबू धनगर, चरनसिंह धनगर सहित बड़ी संख्या में धनगर समाज के लोग उपस्थित रहे।

राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।

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