मथुरा। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में माननीय प्रभारी मंत्री/राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बेसिक शिक्षा विभाग संदीप सिंह ने कहा कि संसद द्वारा पारित “विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी–जी राम जी अधिनियम” ग्रामीण परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह अधिनियम संशोधित स्वरूप में ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण विकास, आजीविका और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को और मजबूत करेगा।

प्रेसवार्ता में माननीय सांसद (राज्यसभा) तेजवीर सिंह, माननीय महापौर विनोद अग्रवाल, माननीय विधायक बल्देव पूरन प्रकाश, माननीय विधायक गोवर्धन मेघश्याम सिंह, महानगर अध्यक्ष हरीशंकर राजू यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मंत्री ने बताया कि इस अधिनियम के तहत ग्रामीण रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, जिससे मेहनतकश ग्रामीण समाज को बड़ा लाभ मिलेगा। बेरोजगारी भत्ते का अधिकार, समय पर मजदूरी भुगतान, ग्राम स्तर पर योजना निर्माण की स्वतंत्रता, तकनीक आधारित निगरानी तथा लंबे समय से लंबित भुगतान पर अधिकारियों की जवाबदेही जैसी विशेषताएँ इसमें शामिल हैं। भुगतान में देरी होने पर ब्याज सहित भुगतान और काम न देने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने का प्रावधान भी किया गया है।

उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी, जियो-टैगिंग, रियल-टाइम डैशबोर्ड, एआई आधारित विश्लेषण और नागरिक सहभागिता प्लेटफॉर्म जैसे आधुनिक तकनीकी उपाय लागू होंगे। कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों—जल सुरक्षा एवं संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन व प्रतिकूल मौसम से निपटने—में विभाजित किया गया है, जो स्थायी विकास का आधार बनेंगी।

अधिनियम के तहत विभागीय एकीकरण और पारदर्शिता बढ़ेगी। ग्राम सभा के सभी कार्य विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक पर एकत्र होंगे, जिससे दोहराव रुकेगा, तालमेल बढ़ेगा और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण होगा। कृषि कार्य निर्बाध रहें, इसके लिए बुवाई-कटाई से जुड़ी प्रमुख गतिविधियों के दौरान कुल 60 दिनों की अवधि में इन कार्यों के क्रियान्वयन को स्थगित रखने का प्रावधान भी किया गया है।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि मनरेगा के अंतर्गत चल रहे सभी कार्य सुरक्षित हैं और बिना किसी रुकावट के पूरे होंगे। वीबी–जी राम जी अधिनियम 2025 लागू होने के बाद इसके अनुरूप नए कार्य शुरू होंगे, जिससे रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे। योजना के पूर्ण क्रियान्वयन पर ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों के रोजगार के साथ बढ़ी हुई मजदूरी दरों का भी लाभ मिलेगा। यह अधिनियम ग्राम स्वराज की अवधारणा को धरातल पर उतारते हुए यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।

राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।

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