लखनऊ।  उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने योगी आदित्यनाथ सरकार की पोषण योजना पर कड़े सवाल खड़े किए। जौनपुर की मछलीशहर सीट से विधायक रागिनी सोनकर ने महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य को घेरते हुए पूछा कि महंगाई के इस दौर में मात्र 7-8 रुपये के बजट में बच्चों को 600 कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटीन कैसे उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते कुपोषण के आंकड़ों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कम मानदेय का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया।

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान रागिनी सोनकर ने कहा, “50 प्रतिशत से ज्यादा बच्चे, महिलाएं और किशोरियां कुपोषण की शिकार हैं। आईसीडीएस के अनुसार, 6 महीने से 6 साल तक के बच्चों के लिए 8 रुपये और गर्भवती महिलाओं के लिए 9.5 रुपये का बजट तय है, लेकिन वास्तविकता में यह कैसे पर्याप्त हो सकता है?” उन्होंने मंत्री से पूछा कि क्या सरकार कुपोषण को कम करने के लिए कोई विशेष योजना चला रही है, और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 30 हजार रुपये तक बढ़ाने की मांग की।

मंत्री बेबी रानी मौर्य ने जवाब में कहा कि सरकार पोषण ट्रैकर ऐप और अन्य योजनाओं के माध्यम से कुपोषण पर काम कर रही है, लेकिन सपा विधायक के अनुपूरक सवालों पर वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकीं, जिससे सदन में तीखी बहस छिड़ गई।

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