प्रयागराज।  उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) बोर्ड परीक्षाओं के लिए न्यूनतम उपस्थिति नियम में बड़ी छूट दी है। बोर्ड के विनियमों के अनुसार, परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों की कम से कम 75% उपस्थिति अनिवार्य है, लेकिन इस वर्ष कम उपस्थिति वाले किसी भी छात्र को परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा। इस फैसले से लगभग 53 लाख परीक्षार्थियों को राहत मिली है, और बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्कूलों द्वारा कम हाजिरी को आधार बनाकर किसी का भी एडमिट कार्ड रोका नहीं जाएगा।

फैसले का कारण और पृष्ठभूमि

यह छूट इसलिए दी गई है क्योंकि ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली की शुरुआत में देरी हुई थी। बोर्ड ने 1 जुलाई 2025 से ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य करने का नियम लागू किया था, लेकिन कई स्कूलों में इसे समय पर लागू नहीं किया जा सका। परिणामस्वरूप, कई छात्रों की उपस्थिति 75% से कम दर्ज हुई। UPMSP ने इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए कि कम उपस्थिति वाले छात्रों को भी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए। बोर्ड सचिव ने कहा कि इस वर्ष किसी भी छात्र का साल बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा, और भविष्य में नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

पिछले वर्षों में उपस्थिति नियम काफी सख्त था। उदाहरण के लिए, सितंबर 2025 में शासन ने स्कूलों को निर्देश दिए थे कि 75% से कम हाजिरी वाले छात्रों के अभिभावकों को नोटिस भेजा जाए और सुधार न होने पर उन्हें परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। हालांकि, 2026 परीक्षा के लिए इस नियम को शिथिल कर दिया गया है, ताकि छात्रों पर अनावश्यक दबाव न पड़े।

परीक्षा का विवरण

इस वर्ष यूपी बोर्ड परीक्षा आज यानी 18 फरवरी से शुरू हो रही है और 12 मार्च तक चलेगी। परीक्षाएं प्रदेश के 8,033 केंद्रों पर आयोजित की जा रही हैं, जहां सभी केंद्रों और स्ट्रांग रूम की 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की जा रही है। कुल पंजीकृत छात्रों में से लगभग 27.50 लाख कक्षा 10 के और 24.79 लाख कक्षा 12 के हैं। बोर्ड ने परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं, जिसमें ऑनलाइन निगरानी और केंद्र निर्धारण नीति में बदलाव शामिल हैं।

अन्य महत्वपूर्ण नियम

🔹 एडमिट कार्ड भूलने पर भी अनुमति: यदि कोई छात्र एडमिट कार्ड भूल जाता है, तो भी उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते वह अगले पेपर तक मूल या डुप्लीकेट कॉपी प्रस्तुत करे।
🔹 देर से पहुंचने पर ग्रेस टाइम: परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने वाले छात्रों को वैध कारण बताने पर 30 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
🔹 केंद्र निर्धारण में बदलाव: केंद्रों का चयन अब छात्र संख्या, ऑनलाइन उपस्थिति और विद्यालय प्रकार (राजकीय, एडेड या स्ववित्तपोषित) के आधार पर मेरिट अंकों से किया जाएगा। राजकीय विद्यालयों को 50 अंक, एडेड को 40 अंक और स्ववित्तपोषित को संबंधित अंक दिए जाएंगे।

यह फैसला छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां स्कूलों में उपस्थिति ट्रैकिंग में देरी हुई। बोर्ड ने भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए ऑनलाइन सिस्टम को मजबूत करने की योजना बनाई है। अधिक जानकारी के लिए UPMSP की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर संपर्क करें।

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