लातेहार: झारखंड के लातेहार जिले में रविवार को एक भयानक सड़क हादसा हो गया, जब छत्तीसगढ़ से आ रही एक यात्री बस महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ओरसा बंगलादारा घाटी में ब्रेक फेल होने के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में क्षमता से अधिक सवारियां थीं, जो एक शादी समारोह में शामिल होने जा रही थीं। हादसे में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से अधिक यात्री घायल हो गए। घायलों में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और पुरुष शामिल हैं।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घटना पर दुख जताते हुए लातेहार के उपायुक्त को घायलों को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने बताया कि बस छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से महुआडांड़ के लोध गांव में शादी के लिए आ रही थी। हादसे की जांच जारी है, और प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होना मुख्य कारण बताया जा रहा है।

हादसे का विवरण

स्थान और समय:

हादसा रविवार शाम महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ओरसा बंगलादारा घाटी में हुआ, जो एक पहाड़ी इलाका है जहां सड़कें घुमावदार और खतरनाक हैं।

मरने वालों की संख्या:

घटनास्थल पर 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि अस्पताल में इलाज के दौरान 4 और लोगों ने दम तोड़ दिया। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं हैं।

घायलों की स्थिति:

70 से अधिक घायलों को लातेहार सदर अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। कई की हालत गंभीर है, और मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है।

बस की स्थिति:

बस ओवरलोडेड थी, और चालक की लापरवाही या वाहन की खराब मेंटेनेंस को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं, और घायलों के परिवारों को सहायता प्रदान की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटी की सड़कें खराब हैं, और अक्सर ऐसे हादसे होते रहते हैं।

राजनीतिक और सामाजिक निहितार्थ

यह हादसा झारखंड में सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की खामियों को उजागर करता है। विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि ग्रामीण इलाकों में सड़कों की मरम्मत और वाहन जांच पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। मुख्यमंत्री सोरेन ने जांच के आदेश दिए हैं, और सड़क परिवहन मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरलोडिंग और ब्रेक फेल जैसे मुद्दे राज्य में आम हैं, जो गरीब परिवारों को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। सोशल मीडिया पर लोग सड़क सुरक्षा पर जागरूकता अभियान की मांग कर रहे हैं।

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