सैकड़ों पशुपालकों ने उठाया निःशुल्क उपचार का लाभ, गंभीर बीमार बकरी को मथुरा रेफर किया गया

इगलास/अलीगढ़| जिला नजर | संजय भारद्वाज

इगलास नगर के हाथरस मार्ग स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के सामने खाली प्रांगण में मंडल स्तरीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय बृहद पशु आरोग्य शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर में गांव-गांव से आए सैकड़ों पशुपालकों ने अपने पशुओं का निःशुल्क उपचार कराया और विभिन्न बीमारियों तथा उनकी रोकथाम के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि हरीश शर्मा एवं मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) योगेंद्र कुमार थे। अतिथियों का बुके भेंट कर स्वागत किया गया। चेयरमैन प्रतिनिधि हरीश शर्मा एवं एडी-1 उत्तर प्रदेश लखनऊ डॉ. प्रमोद कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर शिविर का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र कुमार ने किया।

मंचासीन अतिथियों में डॉ. प्रभा कटियार, डॉ. जितेंद्र कुशवाहा, सीवीओ हाथरस डॉ. विजय यादव, एडी-2 अलीगढ़ डॉ. हौसला प्रसाद, एडी-1 उत्तर प्रदेश लखनऊ डॉ. प्रमोद कुमार तथा जेडी डॉ. एम.पी. सिंह शामिल रहे। इसके अतिरिक्त सीवीओ अलीगढ़ डॉ. दिवाकर त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।

शिविर में आधा दर्जन से अधिक अलग-अलग कैंप लगाए गए, जहां पशुओं में बांझपन, मुंहपका-खुरपका सहित अन्य संक्रामक रोगों का उपचार किया गया। टीकाकरण, दवा वितरण एवं गंभीर मामलों में शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। गौशाला संचालकों ने भी अपने गौवंश का उपचार कराया।

अतिथियों ने शिविर का निरीक्षण किया और अपना शुगर एवं ब्लड प्रेशर चेक कराया। उन्होंने भेड़ एवं बकरी पालकों से संवाद कर पशुपालन से होने वाले आर्थिक लाभ, सरकारी योजनाओं तथा आधुनिक पशुपालन पद्धतियों की जानकारी दी। अधिकारियों ने नियमित टीकाकरण, संतुलित आहार एवं प्रसव के बाद विशेष देखभाल पर जोर दिया।

शिविर में एक गंभीर रूप से बीमार बकरी लाई गई, जिसका दो दिन पूर्व प्रसव हुआ था। प्रसव के बाद उचित देखभाल न मिलने से उसकी हालत बिगड़ गई थी। चिकित्सकों की टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन स्थिति नाजुक देखते हुए अपर निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार ने एम्बुलेंस से मथुरा रेफर करने के निर्देश दिए। दुर्भाग्यवश, अत्यधिक कमजोरी और प्रसवोत्तर जटिलताओं के कारण बकरी ने रास्ते में दम तोड़ दिया। चिकित्सकों ने पशुपालकों से अपील की कि प्रसव के बाद पशुओं की विशेष निगरानी रखें, समय पर टीकाकरण कराएं और असामान्य लक्षण पर तुरंत पशु चिकित्सालय संपर्क करें।

शिविर के दौरान आयोजित जागरूकता गोष्ठी में विशेषज्ञों ने पशुपालकों को बीमारियों की रोकथाम, पोषण प्रबंधन तथा आयवृद्धि के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। शिविर में भारी संख्या में पशुपालकों की भागीदारी रही, और इसे सफल, जनोपयोगी एवं पशुपालकों के लिए लाभकारी बताया गया।

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