फिरोजाबाद/आगरा: सच्चा प्यार की मिसाल पेश करते हुए जर्मनी के युवक गुस्ताव ने सात समंदर पार करके अपनी भारतीय प्रेमिका खुशी वर्मा से शादी रचाई। शिकोहाबाद के एटा रोड स्थित जानकी महल में हिंदू रीति-रिवाजों से संपन्न हुई इस शादी में गुस्ताव ने शेरवानी पहनी, सिर पर साफा बांधा और हाथों में मेहंदी लगाकर खुशी का नाम लिखवाया। यह शादी न सिर्फ दो दिलों का मिलन थी, बल्कि दो संस्कृतियों – जर्मन और भारतीय – का जीवंत उदाहरण बन गई।

गुस्ताव अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ जर्मनी से भारत पहुंचे थे। शादी में सैकड़ों लोग शामिल हुए, और विदेशी मेहमानों के लिए चार ट्रांसलेटर भी बुलाए गए ताकि वरमाला, फेरे, विदाई जैसी रस्में सबको समझ आएं।

कैसे हुई मुलाकात? स्विमिंग पूल से शुरू हुई प्रेम कहानी

खुशी वर्मा जसराना के पाढ़म गांव (शिकोहाबाद के पास) की रहने वाली हैं। वे जयपुर में एक जर्मन कंपनी में नौकरी करती हैं। गुस्ताव 2023 में भारत घूमने आए थे। राजस्थान, दिल्ली और आगरा की सैर के बाद वे जयपुर पहुंचे।

खुशी की चाची ज्योति ने बताया कि दोनों की पहली मुलाकात जयपुर में एक स्विमिंग पूल में हुई, जहां खुशी तैराकी सीख रही थीं। गुस्ताव भी वहां थे। बातचीत शुरू हुई, दोस्ती हुई, और धीरे-धीरे यह रिश्ता गहरा प्यार में बदल गया। गुस्ताव ने कहा, “भारत की मेहमाननवाजी और संस्कृति को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। शिकोहाबाद और भारत अब मेरे लिए यादगार जगह बन गए हैं।”

शादी का भव्य आयोजन: पूरी तरह भारतीय अंदाज

शादी पूरी तरह पारंपरिक भारतीय स्टाइल में हुई।

  • दूल्हा गुस्ताव ने लाल-गोल्डन शेरवानी पहनी, सिर पर साफा बांधा और हाथों में मेहंदी लगवाई – जिसमें खुशी का नाम साफ लिखा था।
  • दुल्हन खुशी ने लाल जोड़ा पहना, जो सभी का मन मोह लेने वाला था।
  • रस्में जैसे वरमाला, सात फेरे, सिंदूर दान और विदाई सब हिंदू परंपरा के अनुसार हुईं।
  • जानकी महल में आयोजित समारोह में जर्मन मेहमानों ने पहली बार भारतीय शादी की रस्में देखीं। ट्रांसलेटरों ने जर्मन भाषा को हिंदी में आसान बनाया, ताकि कोई परेशानी न हो।

यह शादी दो देशों के बीच प्यार की मिसाल बन गई। गुस्ताव ने भारतीय संस्कृति को अपनाकर सबको प्रभावित किया।

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