आगरा: आगरा के बसई अरेला क्षेत्र में तस्करों ने ‘पुष्पा’ फिल्म की तर्ज पर एक हैरतअंगेज तरीका अपनाया – जान बचाने वाली एंबुलेंस को अवैध शराब की तस्करी के लिए इस्तेमाल किया। शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को थाना बसई अरेला पुलिस और सर्विलांस सेल पूर्वी की संयुक्त टीम ने अरनौटा के पास वाहन चेकिंग के दौरान एक एंबुलेंस को रोका। जांच में मरीज की जगह हरियाणा ब्रांड की अंग्रेजी शराब की 46 पेटी और 9 बोतलें बरामद हुईं। शराब की अनुमानित कीमत 3 लाख 60 हजार रुपये बताई गई है।
डीसीपी पूर्वी जोन अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि सूचना मिली थी कि हरियाणा से प्रयागराज की ओर एंबुलेंस में अवैध शराब ले जाई जा रही है। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर वाहन रोका। तलाशी में पेटियां और बोतलें मिलीं, जबकि एंबुलेंस में कोई मरीज नहीं था।
गिरफ्तार तस्कर और उनका खुलासा
मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया:
- प्रताप और राहुल, दोनों थाना जैतपुर के गांव नहटोली (आगरा देहात) के निवासी।
- दोनों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे पिछले दो महीनों से एंबुलेंस से हरियाणा से प्रयागराज तक शराब की तस्करी कर रहे थे।
- अब तक वे पांच बार सफलतापूर्वक यह काम कर चुके हैं।
- एंबुलेंस का इस्तेमाल इसलिए किया जाता था ताकि पुलिस चेकिंग में आसानी से बच निकल सकें – कोई संदेह नहीं होता।
पुलिस ने बरामद शराब, एंबुलेंस को जब्त कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। थाना प्रभारी बसई अरेला ने कहा कि पूछताछ जारी है – सप्लाई नेटवर्क, अन्य सदस्यों और बड़े गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज रहेगा।
तस्करी का तरीका: ‘पुष्पा’ जैसा ड्रामा
फिल्म ‘पुष्पा’ में हीरो चंदन की लकड़ियां दूध के टैंकर में छिपाकर तस्करी करता है। यहां तस्करों ने एंबुलेंस में शराब की पेटियां छिपाईं – जहां आमतौर पर मरीज और मेडिकल उपकरण होते हैं। यह तरीका पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए चुना गया, क्योंकि एंबुलेंस को आमतौर पर प्राथमिकता मिलती है और गहन जांच कम होती है।
यह घटना उत्तर प्रदेश में अवैध शराब तस्करी के बढ़ते ट्रेंड को उजागर करती है। पहले भी कई मामलों में ट्रक, टैंकर, इनोवा जैसी गाड़ियों को एंबुलेंस में बदला गया था।

