लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली से ठीक पहले अन्नदाताओं को बड़ा तोहफा दिया। शनिवार को लखनऊ के अपने सरकारी आवास (5 कालिदास मार्ग) पर एक विशेष कार्यक्रम में उन्होंने एक क्लिक के जरिए 2.51 लाख से ज्यादा किसानों और 3500 लाभार्थी परिवारों के बैंक खातों में कुल 460 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की। सीएम ने स्पष्ट किया कि अब सरकारी लाभ में बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं बची है – डीबीटी (Direct Benefit Transfer) से पैसा सीधे लाभार्थी तक पहुंच रहा है।
फसल बीमा और दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025): सूखा, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि जैसी आपदाओं से प्रभावित 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दी गई। यह राशि उन किसानों को मिली जिनकी फसल नुकसान हुई थी।
- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना:3500 पीड़ित परिवारों (किसान, बटाईदार, सह-किसान, परिवार सदस्य) को 175 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। सीएम ने कहा कि योजना में अब बटाईदार और सह-किसान भी शामिल हैं – दुर्घटना में मृत्यु पर 5 लाख रुपये का सुरक्षा कवच मिलता है। इससे पहले 16 जून 2025 को भी 11,690 लाभार्थियों को 561.86 करोड़ दिए गए थे।
सीएम योगी ने कहा:
“आज एक बटन दबाते ही 460 करोड़ रुपये सीधे अन्नदाताओं के खाते में पहुंच रहे हैं। बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है। डबल इंजन सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।”
स्मार्ट खेती, आपदा प्रबंधन और नई सुविधाएं
इस अवसर पर सीएम ने कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया:
- बागपत, शामली, कासगंज और भदोही में नई मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं और उप कृषि निदेशक कार्यालय।
- झांसी में राजकीय भूमि संरक्षण केंद्र मऊरानीपुर में 50 शैय्या का छात्रावास भवन।
- लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो की नींव।
- मौसम पूर्वानुमान के लिए लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी और आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर राडार स्थापित किए जाएंगे – आकाशीय बिजली जैसी आपदाओं से बचाव के लिए।
आपदा मित्रों को 5 लाख का बीमा
सीएम ने बताया कि प्रदेश में 29,772 युवाओं को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। इन स्वयंसेवकों को 3 वर्ष के लिए 5 लाख रुपये का जीवन और चिकित्सा बीमा कवर दिया जाएगा। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सहायता राशि हर हाल में 24 घंटे के भीतर पात्रों के खाते में पहुंच जानी चाहिए।

