मथुरा।ब्रज की विश्वविख्यात होली को बदनाम करने की कोशिश अब महंगी पड़ने वाली है। मथुरा और वृंदावन सहित बरसाना की लठामार होली व रंग भरनी एकादशी के दौरान महिलाओं व युवतियों के साथ जबरन रंग लगाने और अभद्रता से जुड़े पुराने वीडियो को दोबारा प्रसारित कर धार्मिक नगरी की छवि धूमिल करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के निर्देश पर पुलिस की आईटी सेल ने ऐसे यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान शुरू कर दी है, जो कई वर्ष पुराने वीडियो को वर्तमान घटनाक्रम बताकर प्रसारित कर रहे हैं। साइबर सेल द्वारा संदिग्ध लिंक, चैनल और प्रोफाइल की सूची तैयार की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ब्रज की होली विश्वस्तरीय सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा है, जिसे कुछ लोग सनसनी फैलाने और व्यूज बटोरने के लिए गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहे हैं। पुराने वीडियो को नए संदर्भ में दिखाने से देश-विदेश में गलत संदेश जाता है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और कानून-व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा होता है।
एसएसपी श्लोक कुमार ने स्पष्ट कहा कि त्योहार आस्था और उल्लास का प्रतीक हैं। इन्हें सस्ती लोकप्रियता और फर्जी प्रचार का माध्यम बनाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ब्रज की परंपरा के नाम पर अव्यवस्था फैलाने या पुरानी घटनाओं को तोड़-मरोड़कर पेश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने से बचें।

राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।

error: Content is protected !!
Exit mobile version