फतेहपुर सीकरी/आगरा। ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दूरा में आर्य समाज दूरा एवं पुरुषार्थ सेवा संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आर्य समाज के संस्थापक, महान समाज सुधारक एवं वेदों के प्रकांड विद्वान महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वतीकी 202 वीं जन्म जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ लघु यज्ञ से हुआ, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ महर्षि जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। उपस्थित जनों ने उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर आर्य समाज दूरा के प्रधान रूप सिंह कहरवार ने अपने संबोधन में कहा, “महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने ‘वेदों की ओर लौटो’ का महान संदेश देकर समाज को जागृत किया। उन्होंने अंधविश्वास, मूर्तिपूजा, बाल विवाह और सती प्रथा जैसी कुरीतियों का डटकर विरोध किया तथा स्त्री शिक्षा, विधवा विवाह, शुद्धि आंदोलन एवं सामाजिक समानता का मार्ग प्रशस्त किया। उनकी अमर कृति ‘सत्यार्थ प्रकाश’ आज भी समाज सुधार की आधारशिला बनी हुई है।”
कार्यक्रम में आर्य समाज दूरा के प्रबंधक नेमीचंद अग्रवाल, संयोजक सोहन लाल आर्य, उपाध्यक्ष हरेश वैध जी, कोषाध्यक्ष पदम सिंह आरपीएफ, मंत्री श्री कृष्ण आर्य, चंद्रभान सिंह कहरवार, पुरुषार्थ सेवा संगठन के उपाध्यक्ष विराट कहरवार, जिगनेश कहरवार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
- रिपोर्ट – दिलशाद समीर

