रिपोर्ट 🔹राहुल गौड ब्यूरो चीफ -मथुरा

मथुरा। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में बालिकाओं के साथ घिनौने कृत्य को अंजाम देने वाले बाबा ने गांव के मंदिरों में पूजा पाठ कर गांव वालों का दिल जीता था। इसके बाद ही गांव के लोगों ने उसे एक मंदिर पर रहने की अनुमति दी थी। अब सीबीआई की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि एक बाबा के वेश में उनके बीच एक दानव रह रहा था।

जैंत थाना क्षेत्र के जिस गांव से सीबीआई ने आरोपी को गिरफ्तार किया वह काफी बढ़ा है। करीब 25 हजार की आबादी वाले इस गांव में 8 हजार से अधिक मतदाता हैं। गांव बड़ा होने के चलते गांव में दो दर्जन से अधिक मोहल्ले हैं। ग्राम प्रधान ने बताया कि प्रत्येक मोहल्ले में किसी न किसी देवी-देवता का मंदिर है।

इनमें गांव के लोग नियमित पूजा करने जाते हैं। करीब 15 साल पहले आरोपी बाबा कहीं से गांव में आया था। वह अलग-अलग मंदिरों में नियमित पूजा-पाठ करता था। नियमित मंदिरों में साफ-सफाई भी करता था। उसे देखकर लोगों को लगा कि वह भगवान का सेवक है। कुछ ही दिनों में उसने गांव वालों का विश्वास जीत लिया। इसके बाद स्थायी रूप से गांव के एक मंदिर पर रहने लगा।


मंदिर में रहने के लिए भी बहुत अधिक जगह नहीं थी। एक छोटी सी कोठरी में बाबा का तखत पड़ा था और जरूरी सामान रहता था। बाकी मंदिर परिसर में दिन भर वह घूमता नजर आता था। विशेष तिथियों पर लोग बाबा को दान भी देते थे। किसी को उसके इरादों की कोई भनक नहीं थी। सीबीआई की कार्रवाई के बाद ग्रामीण सकते में हैं। उन्हें भरोसा नहीं हो रहा कि आखिर बाबा को पहचानने में उनसे इतना बड़ा धोखा कैसे हो गया।

गांव में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अभी सीबीआई की कार्रवाई पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि बाबा के एक हाथ में कुछ परेशानी थी। वहीं उनकी एक आंख में भी दिक्कत थी। कभी भी किसी ने भी बाबा की शिकायत नहीं सुनी। ऐसे में वह कैसे ये बात मान लें कि बाबा ने इतना घिनौना काम किया है। सीबीआई द्वारा बाबा को ले जाने के बाद लोग उस मंदिर की तरफ जाने से भी बच रहे हैं।

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