🔹विधायक बृजभूषण राजपूत और सुरक्षा कर्मियों में झड़प

महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को उस समय रोक दिया गया, जब वे एक युवा उद्घोष कार्यक्रम से लौट रहे थे। भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने करीब 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर मंत्री के काफिले को घेर लिया और क्षेत्र की जर्जर सड़कों को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया।

जल जीवन मिशन बना विरोध की बड़ी वजह

विरोध का केंद्र बिंदु जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कें रहीं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पानी की पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे पूरे इलाके में सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
टूटी-फूटी सड़कों के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों—स्कूल, बाजार और अस्पताल तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पहले भी की गई थीं शिकायतें, नहीं हुई सुनवाई

भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे पहले भी संबंधित विभागों और प्रशासन से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी उपेक्षा के विरोध में उन्होंने ग्राम प्रधानों के साथ सड़क पर उतरकर काफिला रोका।

कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों में झड़प

काफिला रोके जाने के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब मंत्री के समर्थक कार्यकर्ता और सुरक्षाकर्मी आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। वहीं प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे।
दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालात को काबू में करने के लिए सीओ सदर और कोतवाल मौके पर पहुंचे और समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।

मंत्री-विधायक आमने-सामने

विधायक बृजभूषण राजपूत ने स्पष्ट कहा कि “जनता की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सड़कें तुरंत ठीक होनी चाहिए।”
वहीं मंत्री पक्ष का कहना था कि वे कार्यक्रम में व्यस्त थे और इस तरह काफिला रोकना अनुचित है।

ग्रामीणों की पीड़ा, प्रशासन का आश्वासन

स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि जल जीवन मिशन एक अच्छी योजना है, लेकिन सड़कों की अनदेखी ने उनकी जिंदगी मुश्किल बना दी है।
घटना के बाद प्रशासन की ओर से जल्द सड़कों की मरम्मत कराए जाने का आश्वासन दिया गया है।

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