लखनऊ। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट न पहनने पर अब चालान भरकर बच निकलना संभव नहीं होगा। परिवहन विभाग पहली ही बार में कड़ी कार्रवाई करेगा। यदि वाहन चालक या पिलियन सवार बिना हेलमेट के पाए जाते हैं, तो पहली बार में ही उनका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। जल्द ही इस संबंध में आदेश परिवहन आयुक्त कार्यालय से जारी किए जा सकते है।

अब तक हेलमेट न पहनने पर चालान तो होता था, लेकिन लाइसेंस सस्पेंशन की कार्रवाई बेहद कम होती थी। कई वाहन चालक बार-बार नियम तोड़कर भी कार्रवाई से बच निकलते थे। हाल में परिवहन आयुक्त द्वारा विभिन्न जिलों की समीक्षा में पाया गया कि कई जगहों पर एक भी लाइसेंस सस्पेंड नहीं किया गया, जबकि चालान लगातार काटे गए थे। इस लापरवाही पर अब संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भेजने की तैयारी है।

उत्तर प्रदेश देश का वह राज्य है जहां सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं और मौतें दर्ज होती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार 50% तक दुर्घटनाएं कम करने का लक्ष्य दोहरा चुके हैं, लेकिन आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे स्थिति चिंताजनक हो गई है। इसीलिए परिवहन विभाग अब बेहद सख्त कदम उठाने जा रहा है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आगे से पिलियन राइडर के लिए भी हेलमेट अनिवार्य होगा। बिना हेलमेट पकड़े जाने पर चालान तो लगेगा ही, साथ ही तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित कर दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश देश का वह राज्य है जहां सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं और मौतें दर्ज होती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार 50% तक दुर्घटनाएं कम करने का लक्ष्य दोहरा चुके हैं, लेकिन आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे स्थिति चिंताजनक हो गई है। इसीलिए परिवहन विभाग अब बेहद सख्त कदम उठाने जा रहा है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आगे से पिलियन राइडर के लिए भी हेलमेट अनिवार्य होगा। बिना हेलमेट पकड़े जाने पर चालान तो लगेगा ही, साथ ही तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित कर दिया जाएगा।

परिवहन विभाग का मानना है कि केवल जागरूकता से दुर्घटनाएं नहीं रुकेंगी, इसलिए कार्रवाई ज़रूरी है। एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (रोड सेफ्टी) मयंक ज्योति ने बताया कि समीक्षा में यह सामने आया कि कई जिलों में चालान तो किए गए, लेकिन लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई नहीं हुई। जिन जिलों में एक भी डीएल सस्पेंड नहीं किया गया है, वहां के अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।

नियम तोड़ने वाले बाइकर्स पर बड़ी कार्रवाई

बीते अगस्त में ट्रैफिक विभाग ने लखनऊ के ऐसे 10 बाइकर्स की सूची जारी की थी, जिन पर 100 से 127 चालान किए जा चुके थे, फिर भी उनके लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद परिवहन विभाग को पत्र भेजकर इनके लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन दोनों सस्पेंड करने की सिफारिश की गई, जिसके बाद कई मामलों में कार्रवाई भी की गई।

58,893 ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए चिन्हित

यातायात विभाग द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया कि राज्य में तीन लाख वाहन चालक कई बार नियम तोड़ चुके हैं। इनमें से करीब 4,000 करोड़ रुपये का जुर्माना अभी तक जमा नहीं हुआ है। परिवहन विभाग ने इनमें से 58,893 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने के लिए चिन्हित किए हैं।

लखनऊ में ऐसे 25,000 वाहन चालक सूची में शामिल हैं। सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं, और जवाब न आने पर वाहन का पंजीकरण निरस्त, और लाइसेंस सस्पेंड करने की कार्रवाई की जाएगी।

परिवहनविभाग के इस सख्त रुख से उम्मीद है कि सड़क सुरक्षा को लेकर लापरवाही में कमी आएगी और दुर्घटनाओं के आंकड़े घटेंगे।

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