आगरा: 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक चलने वाली यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए आगरा में कड़ी तैयारियां। DM अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने स्पष्ट कहा कि किसी केंद्र पर लापरवाही या गड़बड़ी मिली तो केंद्र व्यवस्थापक सीधे जिम्मेदार होगा – कोई बहाना नहीं चलेगा, कठोर कार्रवाई होगी।
छात्राओं की सुरक्षा प्राथमिकता:
लड़कियों की तलाशी के लिए महिला पुलिसकर्मी और महिला शिक्षिकाओं की अनिवार्य तैनाती। सभी 154 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा, अच्छी लाइटिंग, साफ शौचालय और पीने का पानी हर हाल में उपलब्ध रहेगा।
परीक्षार्थी आंकड़े:
- हाईस्कूल: 60,371 (बालक 32,556, बालिकाएं 27,815)
- इंटरमीडिएट: 61,551 (बालक 35,415, बालिकाएं 26,136) कुल: 1,21,922 छात्र-छात्राएं
व्यवस्था का जाल:
154 केंद्रों को 6 जोन और 15 सेक्टर में बांटा गया। तैनाती: 6 जोनल मजिस्ट्रेट, 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 172 स्टेटिक मजिस्ट्रेट + 18 अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट।
नकल रोकथाम पर फोकस:
नकल माफिया, फर्जी कैंडिडेट, पेपर लीक और मोबाइल/इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल पर सख्त निगरानी। केंद्र परिसर में मोबाइल, पेजर, कैलकुलेटर या कोई नोट्स ले जाना पूरी तरह बैन। पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा। स्ट्रांग रूम की फुलप्रूफ सुरक्षा – रिपोर्ट अनिवार्य, गोपनीयता भंग पर तुरंत कार्रवाई।
नियमों का पालन:
सभी को बोर्ड बुकलेट के निर्देश पढ़ने और लागू करने के सख्त आदेश। ईमानदारी से काम करने पर कोई सेंधमारी नहीं होगी।
नियंत्रण कक्ष:
DIOS कार्यालय में सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक 24×7 मॉनिटरिंग (हेल्पलाइन: 9997156949)। मजिस्ट्रेट निरंतर चेकिंग, भ्रमण और भीड़ नियंत्रण करेंगे। अनुचित साधनों पर उ.प्र. सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम, 1998 के तहत सख्त एक्शन।
अपर जिलाधिकारी यमुनाधर चौहान, जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर और पुलिस अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

