🔹नेपाल भागने की फिराक में थे आरोपी, बांग्लादेश तक फैला था 40 करोड़ का अवैध धंधा; शुभम जायसवाल अभी फरार, पुलिस का दावा- जल्द पकड़ा जाएगा

वाराणसी। कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के मामले में वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की SIT और कोतवाली टीम ने शुभम जायसवाल के कोर ग्रुप के पांच मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से तीन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
गिरफ्तार आरोपी मिर्जापुर बाईपास भोरसर लिंक रोड से पकड़े गए। वे नेपाल भागने की तैयारी में थे। पूछताछ में पता चला कि ये लोग कफ सिरप की अवैध बिक्री से करोड़ों रुपये कमा रहे थे और बांग्लादेश तक इस सिंडिकेट को फैला चुके थे। हवाला के जरिए लगभग 40 करोड़ रुपये का कारोबार किया गया, जिसमें से करीब 8 करोड़ रुपये का मुनाफा इन आरोपियों को हुआ।

गिरफ्तार आरोपी:
• अमित जायसवाल (सोनिया निवासी)
• दिवेश जायसवाल (खोजवा निवासी)
• अंकुश सिंह
• घनश्याम
• अभिनव यादव (भेलूपुर, नवाबगंज निवासी)

तीनों इनामी आरोपी (अमित जायसवाल, दिवेश जायसवाल और अंकुश सिंह) शुभम जायसवाल के करीबी बताए जा रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
वाराणसी पुलिस के अनुसार, आरोपी विभिन्न जगहों पर बैठकें कर कफ सिरप की तस्करी, पैसे के लेन-देन और बैंक खातों में रकम जमा करने की रणनीति बनाते थे। शुभम जायसवाल मुख्य सरगना है, जो अभी फरार है। पुलिस का दावा है कि उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और शुभम व उसके परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है।

यह कार्रवाई कोडीन कफ सिरप (जो केवल प्रिस्क्रिप्शन पर बिकना चाहिए) की अवैध तस्करी के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान का हिस्सा है। पुलिस ने दो गोदामों से भी बड़ी मात्रा में कफ सिरप बरामद किए थे।

स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस गिरफ्तारी का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे सिंडिकेट युवाओं को नशे की लत लगाकर समाज को बर्बाद कर रहे हैं।
पुलिस क्या कह रही है?
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आगे की छानबीन जारी है। हवाला नेटवर्क और बांग्लादेश कनेक्शन की भी गहराई से जांच की जा रही है।



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