आगरा: आगरा में जहां हादसों के बाद लोग अक्सर वीडियो बनाते और तमाशा देखने में व्यस्त हो जाते हैं, वहीं एक पुलिस अधिकारी ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गई है। मिढ़ाकुर चौकी प्रभारी दरोगा अनुज कुमार ने चलती ट्रेन से गिरे गंभीर रूप से घायल युवक को बिना एक पल गंवाए अपनी निजी कार से अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई।
घटना बड़ौदा सदर क्षेत्र, थाना किरावली (मिढ़ाकुर चौकी) की बताई जा रही है। एक युवक चलती ट्रेन से गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन ज्यादातर लोग मदद करने के बजाय सिर्फ तमाशा देखते रहे और मोबाइल से वीडियो बनाने में लग गए।
इसी बीच सूचना मिलते ही चौकी इंचार्ज अनुज कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने हालात की गंभीरता को तुरंत भांप लिया। बिना किसी औपचारिकता या एंबुलेंस के इंतजार में समय बर्बाद किए, उन्होंने अपनी निजी कार में घायल युवक को लिटाया और तेजी से नजदीकी अस्पताल ले गए। समय पर मिले इलाज की वजह से युवक की हालत अब स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर है।
दरोगा अनुज कुमार का यह कदम अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग उन्हें “वर्दी में फरिश्ता”, “सच्चा इंसान” और “रियल हीरो” कहकर जमकर सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा है – “ऐसे अफसरों की वजह से पुलिस पर भरोसा बना रहता है”, “तमाशबीनों के बीच एक पुलिसवाला इंसानियत की मिसाल बना”।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दरोगा अनुज कुमार ने इतनी तत्परता नहीं दिखाई होती, तो युवक की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि समाज में जहां ज्यादातर लोग सिर्फ देखने तक सीमित रह जाते हैं, वहीं कुछ लोग अपने कर्तव्य से आगे बढ़कर असली फरिश्ते बन जाते हैं।
दरोगा अनुज कुमार ने इस बारे में कोई बयान नहीं दिया, लेकिन उनका यह कार्य पुलिस विभाग की छवि को और मजबूत करने वाला है। यह घटना उन सभी पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणा है जो रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की मदद करते हैं।
संदेश समाज के लिए
- हादसे के समय मदद करना सबसे बड़ा इंसानी फर्ज है।
- वीडियो बनाने से पहले अगर एक व्यक्ति हाथ बढ़ा दे, तो जिंदगियां बच सकती हैं।
- पुलिस भी इंसान है – और कई बार वे वर्दी से ज्यादा इंसानियत दिखाते हैं।

