आगरा। दयालबाग के एक परिवार पर संकट के काले बादल मंडरा रहे हैं। वेस्ट अफ्रीका के कैमरून में नौकरी करने गए धीरज जैन पर उनकी ही कंपनी ने लूट का आरोप लगाकर पासपोर्ट और वीज़ा जब्त कर लिया है। पत्नी और डेढ़ साल की मासूम बच्ची के साथ धीरज पिछले कई महीनों से अफ्रीका में फंसे हुए हैं। आर्थिक तंगी, लगातार धमकियां और घर खाली कराने का दबाव उन्हें असहाय बना रहा है।

गुरुवार को जारी किए गए एक वीडियो में धीरज ने भारत सरकार से परिवार सहित सुरक्षित वापस बुलाने की गुहार लगाई है। उनकी कांपती आवाज़ और मासूम बेटी की मौजूदगी उनके हालात की गंभीरता बयां करती है।

कैसे शुरू हुआ संकट

दयालबाग की बसेरा वसंत रेजीडेंसी के निवासी धीरज जैन पुणे की सदगुरु टूर एंड ट्रैवल्स सर्विसेज में एकाउंट एंड फाइनेंस मैनेजर थे। कंपनी ने उनकी तैनाती डुआला, कैमरून में की थी, जहां वह पत्नी सुप्रिया और बेटी राघवी के साथ रहते थे। धीरज ने बताया कि 7 सितंबर 2024 को वह ड्राइवर के साथ कंपनी के 25 लाख रुपये लेकर ऑफिस जा रहे थे, तभी रास्ते में कैश लूट लिया गया। स्थानीय पुलिस में उन्होंने और ड्राइवर ने लूट की रिपोर्ट दर्ज भी कराई थी।

लेकिन जनवरी 2025 में जब वह दो महीने की छुट्टी के बाद वापस अफ्रीका लौटे, तो मामला अचानक पलट गया। ड्राइवर ने अपना बयान बदल दिया और कंपनी ने लूट का आरोप सीधे धीरज पर लगा दिया। कंपनी ने उन्हें नौकरी से निकालकर पासपोर्ट और वीज़ा जब्त कर लिया।

मकान खाली करो, बिजली काट देंगे — कंपनी का दबाव

धीरज का कहना है कि कंपनी के अधिकारी उन्हें लगातार धमका रहे हैं। मकान मालिक पर भी दबाव बनाया जा रहा है कि परिवार को घर से निकाल दिया जाए और बिजली तक काट दी जाए। नौकरी छूटने के बाद उनका परिवार गंभीर आर्थिक संकट में है। उन्होंने बताया कि यहां हर दिन डर के साए में गुजर रहा है। पुराने मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। मेरा परिवार सुरक्षित नहीं है। कृपया हमें भारत वापस बुलाया जाए।

दयालबाग में परिवार दहशत में

आगरा के दयालबाग में रहने वाले धीरज के पिता धनपाल जैन और पूरे परिवार का रो–रोकर बुरा हाल है। धीरज की ससुराल फिरोजाबाद में है, जहां के परिजन भी सदमे में हैं। सभी को चिंता है कि धीरज, उनकी पत्नी और छोटी बच्ची का हाल कहीं और न बिगड़ जाए। परिवार का कहना है कि अफ्रीका में क्या स्थिति है, हमें कुछ पता नहीं। दिन–रात बच्चों का चेहरा याद कर मन घबरा जाता है। सरकार से हाथ जोड़कर विनती है कि हमारे बेटे और उसके परिवार को सुरक्षित भारत लाया जाए।

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