आगरा। दक्षिणी बाईपास पर रायभा टोल प्लाजा (अछनेरा/अजनेर क्षेत्र) में मंगलवार दोपहर एक विवाद ने पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोरीं। फतेहपुर सीकरी से BJP विधायक चौधरी बाबूलाल के बेटे सुरेश चौधरी अपनी पत्नी के साथ मथुरा से ग्वालियर जा रहे थे। उनकी गाड़ी पर “विधायक” लिखा था और VIP पास लगा था, लेकिन फास्टैग नहीं था। टोल कर्मचारी संजय सिंह (निवासी दौरेठा, आगरा) ने नियमों के अनुसार बैरियर न उठाया और आधार कार्ड/पहचान मांगी।
प्रत्यक्षदर्शियों और CCTV फुटेज के मुताबिक, करीब 2 मिनट की देरी पर सुरेश गुस्से में गाड़ी से उतरे और कर्मचारी संजय सिंह को दो थप्पड़ मार दिए। वीडियो में सुरेश दोबारा मारने के लिए दौड़ते दिख रहे हैं, लेकिन अन्य कर्मचारियों ने रोक लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे VIP कल्चर और दबंगई पर बहस छिड़ गई।
टोल कर्मचारी संजय सिंह ने थाना अजनेर में तहरीर दी, जिसमें मारपीट का आरोप लगाया। लेकिन घटना के बाद संजय ड्यूटी पर नहीं लौटा और उसका फोन बंद आ रहा है। अब एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें संजय का भाई (मकान की पहली मंजिल पर खड़ा) पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहा है। वह कहता है कि उसका भाई लापता है और यदि उसके साथ कोई अनहोनी हुई तो जिम्मेदारी यूपी पुलिस की होगी। भाई ने पुलिस पर राजीनामा कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाया और कहा कि अगर भाई सुरक्षित मिला तो वह पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सामने आत्मदाह करेगा। उसने खुद को संघ परिवार से जुड़ा बताते हुए लखनऊ जाने की बात कही।
विधायक का पक्ष:
विधायक चौधरी बाबूलाल ने आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि टोल कर्मचारी ने उनके बेटे के साथ अभद्र व्यवहार किया। बेटे ने अपना परिचय दिया और विधानसभा स्टीकर दिखाया, फोन पर बात कराने की कोशिश की, लेकिन टोल प्रशासन ने नहीं सुनी। विधायक का दावा है कि बेटे को उकसाया गया और पूरा मामला राजनीतिक विरोधियों की साजिश है। उन्होंने कहा कि वीडियो भी विरोधियों ने वायरल कराया।
पुलिस की प्रतिक्रिया:
पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच चल रही है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया कि रात को समझौता हो गया था, लेकिन अब लापता होने और नए वीडियो के बाद मामला फिर गरमा गया है। पुलिस ने FIR दर्ज करने या नहीं, इस पर अभी स्पष्ट नहीं कहा।
सियासी और सामाजिक असर:
घटना के बाद सोशल मीडिया पर पक्ष-विपक्ष में तीखी बहस छिड़ी है। कई यूजर्स ने VIP कल्चर और नियम तोड़ने पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने विधायक परिवार का बचाव किया। क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज है, खासकर फतेहपुर सीकरी और आगरा में। यह मामला यूपी में टोल प्लाजा पर VIP दबंगई के कई पुराने मामलों को याद दिला रहा है।

