आगरा: जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। शास्त्रीपुरम निवासी विश्वजीत सिंह (30 वर्ष), जो ऑयल मिल का कारोबारी था, ने रविवार (8 फरवरी 2026) को अपनी कार के अंदर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह उसका तीसरा प्रयास था – पहले दो बार जान बच गई थी, लेकिन इस बार मानसिक अवसाद ने उसे पूरी तरह हरा दिया।
मृतक विश्वजीत तीन भाइयों में सबसे छोटा और अविवाहित था। उसके पिता अमर सिंह रजावत केनरा बैंक में कार्यरत हैं। रविवार को वह घर से यह कहकर निकला कि तेल मिल जा रहा है, लेकिन घर से महज 300 मीटर दूर डीपीएस स्कूल के पास अपनी रिट्ज़/पंच कार रोक ली। कार में बैठकर उसने परिजनों को फोन किया और साफ कहा, “अब जीना नहीं चाहता“। इसके तुरंत बाद उसने सिर में गोली मार ली, जिससे मौके पर ही मौत हो गई।
गोली की आवाज सुनकर पास के डीपीएस स्कूल के गार्ड ने पुलिस को सूचना दी। थाना सिकंदरा पुलिस मौके पर पहुंची, कार का शीशा तोड़कर शव बाहर निकाला। जांच में पता चला कि इस्तेमाल किया गया हथियार अवैध तमंचा था। कार में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के मुताबिक, कुछ समय पहले विश्वजीत एक दुर्घटना में घायल हो गया था। लंबे इलाज के दौरान वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा। इससे पहले उसने दो बार आत्महत्या की कोशिश की थी:
- पहली बार दो मंजिला छत से कूदकर,
- दूसरी बार रेलवे ट्रैक पर लेटकर।
दोनों बार जान बच गई, लेकिन अवसाद गहराता गया। परिवार अब गहरे सदमे में है – पिता, मां और भाई पूरी तरह टूट चुके हैं। इलाके में शोक की लहर है।

