झांसी: झांसी नगर निगम की सरकारी संपत्ति आंतिया तालाब के पास पिछले 32 सालों (1991 से 2023 तक) से फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैनामा कर खरीद-फरोख्त का गोरखधंधा चल रहा था। नगर निगम प्रशासन ने इस धोखाधड़ी को उजागर करते हुए 8 लोगों के खिलाफ नवाबाद थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि इन लोगों ने सरकारी जलमग्न भूमि को निजी बताकर फर्जी बैनामा करवाए और नगर निगम को चपत लगाई।
नगर निगम के लेखपाल राजीव राजपूत ने तहरीर देकर पुलिस को बताया कि सिविल खाता संख्या 95 की यह भूमि आंतिया तालाब के नाम से सरकारी संपत्ति के तौर पर दर्ज है। राजस्व अभिलेखों में इसे श्रेणी 6-1/अकृषि भूमि (जलमग्न) के रूप में दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि 1991 से 2023 तक कई बार इस खाते के हिस्सों के अलग-अलग फर्जी बैनामा कर दिए गए। कुछ बैनामा ऐसे समय भी हुए जब मामला हाईकोर्ट में लंबित था और स्टे लगा हुआ था।
आरोपी और उनका खेल
लेखपाल की तहरीर पर पुलिस ने निम्नलिखित 8 लोगों के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी) समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की:
- जगदीश मिश्रा (महाराष्ट्र निवासी)
- किरण चढ्ढा (मेंहदी बाग निवासी)
- विनोद कुमार चढ्ढा (मेंहदी बाग निवासी)
- अनिल कुमार मिश्रा (ग्वालियर रोड निवासी)
- मुन्नी राजा (उज्यान, मोंठ निवासी)
- आदर्श सिंह (उज्यान निवासी)
- सुशीला मिश्रा (कोंच निवासी)
- राघवेंद्र सिंह (हवेलीपुरा, चिरगांव निवासी)
साथ ही अज्ञात बैनामा करने वालों को भी नामजद किया गया। आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी भूमि को अपनी बताकर बेचा-खरीदा और लाखों-करोड़ों का गबन किया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच में राजस्व अभिलेख, न्यायालय के आदेश और बैनामों की सत्य प्रतियां की पड़ताल की जाएगी। अगर फर्जीवाड़ा साबित हुआ तो सख्त कार्रवाई होगी।
यह पहली बार नहीं है जब इस जमीन पर फर्जीवाड़े के मामले सामने आए हैं। पहले भी अवैध कब्जा और फर्जी बैनामा के खिलाफ प्राथमिकियां दर्ज हो चुकी हैं। नगर निगम ने पहले भी कई बार अतिक्रमण हटवाए, लेकिन समस्या बनी हुई है।
झांसी में सरकारी जमीनों पर कब्जे का ट्रेंड
झांसी में सरकारी जमीनों (तालाब, पार्क, नगर निगम प्लॉट) पर भूमाफियाओं का कब्जा आम समस्या है। हाल के महीनों में:
- कई जगहों पर फर्जी रजिस्ट्री कर कब्जा किया गया।
- बोर्ड-पिलर गायब कर दिए जाते हैं।
- हाईकोर्ट स्टे के बावजूद बैनामा जारी रहते हैं।
- नगर निगम और राजस्व विभाग की मिलीभगत के आरोप लगते रहे हैं।
यह मामला भूमाफिया के खिलाफ शासन की सख्ती का संकेत है। झांसी में एंटी भू-माफिया पोर्टल पर शिकायतें बढ़ रही हैं, और कार्रवाई तेज हो रही है।
- रिपोर्ट – नेहा श्रीवास

