मथुरा।उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था संबंधी जांच समिति की बैठक आज मथुरा में माननीय सभापति श्री दिनेश कुमार गोयल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में समिति के सदस्यगण श्री विजय बहादुर पाठक, डॉ. रतन पाल सिंह, श्री जितेंद्र सिंह सेंगर तथा श्री अश्विनी त्यागी उपस्थित रहे।

बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) योगानंद पांडेय सहित विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, एसडीओ समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान समिति ने जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, ट्रांसफार्मर स्थापना, विद्युत कटौती, लाइन लॉस, उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण समेत विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।

समिति ने निर्देश दिया कि विद्युत विभाग के सभी कार्यालयों में जन शिकायत रजिस्टर अनिवार्य रूप से रखा जाए तथा सरकारी विद्युत योजनाओं का अधिकतम प्रचार-प्रसार किया जाए। जनप्रतिनिधियों से नियमित संपर्क बनाए रखने तथा गलत मीटर रीडिंग पर कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए।

सभापति श्री गोयल ने अधिकारियों को सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और मथुरा को सोलर एनर्जी में अग्रणी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, ट्रांसफार्मर चोरी पर तत्काल कार्रवाई, लाइन लॉस को न्यूनतम करने तथा उपभोक्ताओं के साथ मृदु व्यवहार सुनिश्चित करने का भी जोर दिया।

बैठक में जानकारी दी गई कि मथुरा में ग्रामीण क्षेत्रों को औसतन 18 घंटे, तहसील स्तर पर 21 घंटे, कृषि फीडरों पर लगभग 10 घंटे और शहरी क्षेत्रों को 23 घंटे प्रतिदिन विद्युत आपूर्ति दी जा रही है। जिले में कुल 5,18,619 उपभोक्ताओं की 1508 मेगावाट विद्युत मांग की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

विद्युत चोरी पर नियंत्रण हेतु 2025 में विद्युत थाना द्वारा 2036 अभियोग पंजीकृत किए गए तथा विजिलेंस और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में 684 कार्रवाइयां की गईं। समिति ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्रवाई में किसी भी उपभोक्ता का शोषण न हो।

सरकारी और अर्द्ध-सरकारी कार्यालयों से विद्युत बिल की वसूली सुनिश्चित करने तथा जर्जर केबिलों को आरडीएसएस योजना के अंतर्गत बदलने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। अब तक 2095.43 किलोमीटर एलटी एबी केबिल और 669.29 किलोमीटर एक्सएलपीई केबिल बदली जा चुकी है।

झटपट पोर्टल के माध्यम से वर्ष 2024-25 में कुल 16,757 आवेदनों में से 6583 संयोजन निर्गत किए गए हैं। 1912 हेल्पलाइन नंबर तथा “संभव” और “निवेश मित्र” पोर्टल के प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया गया।

अंत में माननीय सभापति ने अधिकारियों की कार्यशैली की सराहना करते हुए उपभोक्ताओं की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।

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