🔹 ₹4 करोड़ की Porsche पर सवार दिखे सतुआ बाबा, सन्यास पर सवाल!
प्रयागराज। माघ मेला 2026 में इस बार श्रद्धा, साधना और सन्यास के बीच एक नई चीज़ चर्चा का विषय बन गई है—लग्जरी। वजह हैं सतुआ बाबा, जो इस बार किसी साधारण वाहन में नहीं, बल्कि करीब ₹3 से 4 करोड़ की Porsche कार चलाते हुए नज़र आए। इससे पहले भी वे Land Rover Defender जैसी महंगी गाड़ी में दिखाई दे चुके हैं।
मेले में जहां एक ओर श्रद्धालु दान-पुण्य और संयम की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सतुआ बाबा की स्पोर्ट्स कार ने वैराग्य की परिभाषा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
लग्जरी काफिले की पूजा, साधु-संत बने साक्षी
मामला यहीं नहीं रुका। माघ मेला क्षेत्र में बाबा के फैंसी वाहनों के काफिले का विधिवत पूजन किया गया। इस दौरान कई साधु-संत मौजूद रहे।
अब सवाल उठ रहा है—
क्या साधना अब आश्रम से निकलकर शोरूम तक पहुँच गई है?
राजनीति भी साथ-साथ
सतुआ बाबा ने माघ मेले में सिर्फ गाड़ियों से ही नहीं, राजनीतिक बयानों से भी सुर्खियाँ बटोरीं।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हुए कहा कि
> “आज सनातन धर्म और संविधान को पूरा सम्मान मिल रहा है।”
> “धर्म, सत्ता और लग्जरी—तीनों का यह संगम सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।”
Ray-Ban, भगवा और Porsche
सोशल मीडिया पर बाबा का Ray-Ban चश्मा, स्टाइलिश पहनावा और लग्जरी लाइफस्टाइल चर्चा का केंद्र बन गया है।
किसी ने लिखा—
> “यह बाबा हैं या ब्रांड एंबेसडर?”
तो किसी ने तंज कसा—
“संन्यास अब फोर-व्हील ड्राइव में चलता है।”
जनता के सवाल, बाबा का जवाब
जनता और मीडिया के सवाल सीधे हैं—
क्या साधु-संन्यासी को करोड़ों की गाड़ियों में चलना शोभा देता है?
वहीं सतुआ बाबा का कहना है—
> “मुझे गाड़ियों की कीमत नहीं पता। मैं तो spirituality के मार्ग पर चलता हूँ।”
लेकिन सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं—
जिसे कीमत नहीं पता, उसके पास Porsche कैसे पहुँची?
कौन हैं सतुआ बाबा?
सतुआ बाबा का असली नाम जगदगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास है।वे वर्तमान में वाराणसी स्थित सतुआ बाबा पीठ के प्रमुख हैं।कम उम्र में घर छोड़कर आध्यात्मिक जीवन अपनाने वाले बाबा को माघ मेला 2026 में सबसे बड़ा पंडाल भूमि आवंटित की गई है।
माघ मेला अब सिर्फ श्रद्धा का संगम नहीं रहा,
बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर रहा है—
👉 क्या वैराग्य अब लग्जरी के बिना अधूरा है?
👉 क्या साधु की पहचान साधना से होगी या स्टाइल से?
इन सवालों के जवाब फिलहाल जनता और सोशल मीडिया ढूंढ रही है।

