लखनऊ: योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार (11 फरवरी 2026) को विधानसभा में 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रुपये का बजट रखा, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के मुकाबले करीब 12.9 प्रतिशत अधिक है। यह बजट योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है, जिसमें विकास, निवेश, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं पर मजबूत फोकस है।
बजट के मुख्य आंकड़े और प्राथमिकताएं
- कुल परिव्यय: ₹9,12,696.35 करोड़ (पिछले साल से 12.9% अधिक)
- पूंजीगत व्यय (Capex): कुल बजट का 19.5 प्रतिशत – इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर बड़ा जोर
- शिक्षा: कुल बजट का 12.4 प्रतिशत
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य: कुल बजट का 6 प्रतिशत
- कृषि एवं सम्बद्ध सेवाएं: कुल बजट का 9 प्रतिशत
- नई योजनाएं: 43,565.33 करोड़ रुपये की नई घोषणाएं
वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का मुख्य फोकस औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन पर है। साथ ही महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की आय बढ़ाने और गरीबी कम करने को प्राथमिकता दी गई है।
प्रमुख हाइलाइट्स और घोषणाएं
- जीएसडीपी अनुमान: 2024-25 में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 30.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान, जो पिछले साल से 13.4 प्रतिशत अधिक है।
- रोजगार सृजन: निवेश से करीब 10 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर।
- कृषि क्षेत्र: डीजल पंपों को सोलर में बदलने, कृषि उत्पादों के वितरण-निर्यात बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने की नई पहल।
- महिला सशक्तिकरण: महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग के लिए विशेष योजनाएं।
- अन्य क्षेत्र: मुख्यमंत्री सुरक्षा संकल्प योजना को और प्रभावी बनाना, स्टार्टअप इंडेक्स में यूपी का शीर्ष स्थान, एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स में लैंडलॉक्ड राज्यों में पहले स्थान।
- निवेश: अब तक 50 लाख करोड़ के MoUs साइन, जो रोजगार और विकास को बढ़ावा देंगे।
वित्त मंत्री ने बजट को विकास, निवेश और रोजगार पर केंद्रित बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें मानव पूंजी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक क्षेत्रों को मजबूत किया जाएगा।

