मथुरा न्यूज़ |
जनपद मथुरा के ब्लॉक राया स्थित संभागीय कृषि परीक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र, राया में आज दिनांक 26 फरवरी 2026 को किसान दिवस कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 60–70 किसानों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आधुनिक कृषि तकनीकों एवं नैनो उर्वरकों के उपयोग पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र (दुवासु) मथुरा के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. योगेश कुमार शर्मा रहे। विशिष्ट अतिथियों में जिला कृषि अधिकारी श्री आवेश कुमार, उप कृषि निदेशक डॉ. प्रेमवीर सिंह, एफएस श्री पुष्पेंद्र, इफको उप क्षेत्र प्रबंधक श्री सतबीर सिंह, बिक्री अधिकारी इफको बाजार राया श्री ललितेश कुमार, इफको एमसी से एसएमओ श्री आयुष दीक्षित, एसएफए हॉटस्पॉट श्री दुर्गापाल सिंह एवं एमडीई श्री कुलदीप चतुर्वेदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रगतिशील कृषक श्री रीत राम द्वारा की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ इफको उप क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा अतिथियों एवं किसानों के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने खेती में नवीन तकनीकों को अपनाने पर बल देते हुए इफको के नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से दानेदार उर्वरकों के स्थान पर नैनो उर्वरकों को वैकल्पिक रूप से अपनाने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि डॉ. योगेश कुमार शर्मा ने किसानों से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान किया और वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के संतुलित उपयोग से कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

इफको एमसी से एसएमओ श्री आयुष दीक्षित ने इफको एम की दवाओं के उपयोग, लाभ एवं सावधानियों पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं जिला कृषि अधिकारी श्री आवेश कुमार ने नैनो उर्वरकों के प्रयोग को बढ़ावा देने एवं दानेदार उर्वरकों के सीमित उपयोग की सलाह दी।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने अपनी गेहूं एवं आलू की फसल में इफको नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी के प्रयोग के अनुभव साझा किए। किसानों ने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसल अधिक हरी-भरी एवं स्वस्थ दिखाई दे रही है तथा बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में नैनो डीएपी तरल आधारित प्रक्षेत्र प्रदर्शन का अवलोकन कराया गया। प्रगतिशील कृषक श्री रीत राम ने बताया कि प्रदर्शन प्लॉट की गेहूं फसल दानेदार डीएपी एवं यूरिया वाले प्लॉट की तुलना में अधिक सशक्त एवं बेहतर स्थिति में है। उन्होंने किसानों से नैनो उर्वरकों के प्रयोग का संदेश दिया।

राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।

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