आगरा: नकली दवाओं के माफिया के खिलाफ बीते सात दिन से चल रही कार्रवाई के बीच ताजगंज क्षेत्र में यमुना किनारे स्थित नगला घड़ी के जंगल में भारी मात्रा में दवाएं जला दी गईं। इसमें कई तरह की दवाएं हैं। काफी मात्रा में दवाएं आग में जलने से बच गई हैं। इनके नकली होने की आशंका है। दवाएं जलाए जाने का वीडियो वायरल होने पर एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम ने जलने से बची दवाओं को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को इस मामले में एफआईआर दर्ज होगी।
नगला घड़ी में भारी मात्रा में दवाएं जलाए जाने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इसमें काफी दवाएं जलने से बच गईं। इनके पैकैट पर दवाओं की एक्सपायरी तिथि 2027 और 2029 अंकित है। ये विभिन्न कंपनियों की एंटीबायोटिक, एंटी एलर्जी समेत कई तरह की दवाएं हैं। कई दिनों से फव्वारा में नकली दवाओं के काला कारोबार की औषधि विभाग और एसटीएफ जांच कर रही है।
ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि ये नकली दवाएं हो सकती हैं। वीडियो वायरल होने पर एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम ने जांच करने के लिए गई। यहां पर कई तरह की दवाएं जलने से बच गई थीं, इनको जब्त कर लिया है। एसटीएफ निरीक्षक यतेंद्र शर्मा ने बताया कि नगला घड़ी में दवाएं जलने की जानकारी मिलते ही औषधि विभाग और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मौके पर गई। बची दवाओं के बैच नंबर, क्यूआर कोड, निर्माता कंपनी समेत अन्य का विवरण तैयार कर लिया है। संबंधित कंपनी को रिपोर्ट भेजकर इसकी पुष्टि करा रहे हैं। शुक्रवार को इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
चार गोदामों में कई कंपनियों की दवाएं मिलीं, दो संदिग्ध
गोदामों पर चल रही जांच
लखनऊ की फर्म पर छापे के दौरान नही मिले आरोपी
धमकी देने पर एसटीएफ से करें शिकायत
एसटीएफ निरीक्षक यतेंद्र शर्मा का कहना है कि नकली दवा मामले की जांच चरणबद्ध चल रही है। इसमें कई ऐसे तत्व हैं जो दवा व्यापारियों की झूठी शिकायत भी कर रहे हैं। कुछ तत्व एसटीएफ की जांच में फंसाने का नाम लेकर व्यापारियों को धमकी भी दे रहे हैं। अगर कोई ऐसा करता है तो सीधे शिकायत करें।