आगरा: आगरा के प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (SNMC) में एक बार फिर रैगिंग की कुप्रथा सामने आई है। एमबीबीएस 2023 बैच के छात्र रामकुमार ने अपने सीनियर छात्रों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कॉलेज प्रशासन और पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। आरोपियों में सूरज चौधरी, रितुराज जाटव, गौतम बडेरिया और विवेक का नाम शामिल है।
पीड़ित छात्र रामकुमार के अनुसार, घटना छात्रावास परिसर की पार्किंग क्षेत्र में हुई। सीनियर छात्रों ने रैगिंग करने की कोशिश की, लेकिन जब रामकुमार ने इसका विरोध किया और इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। यही नहीं, बीच-बचाव करने पहुंचे पीड़ित के भाई के साथ भी बदसलूकी और मारपीट की गई। आरोपियों ने गाली-गलौज के साथ-साथ जान से मारने की धमकी भी दी।
शिकायत मिलते ही थाना मदनमोहन गेट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच में जुटी हुई है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले में IPC की संबंधित धाराओं के साथ-साथ रैगिंग विरोधी कानूनों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
कॉलेज प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक जांच समिति गठित कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोप सिद्ध हुए तो दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन या निष्कासन तक की सजा शामिल हो सकती है। कॉलेज में पहले से एंटी-रैगिंग कमेटी सक्रिय है, लेकिन इस घटना ने फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त है?
यह घटना मेडिकल कॉलेजों में जारी रैगिंग की समस्या को उजागर करती है। छात्र संगठनों और अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि रैगिंग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी छात्रों को तोड़ती है, जिससे कई बार गंभीर परिणाम सामने आते हैं।
रैगिंग पर कानूनी प्रावधान
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और UGC गाइडलाइंस के तहत रैगिंग एक गंभीर अपराध है। दोषी पाए जाने पर 2 साल तक की जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है।

